कहानी "मंझली दीदी" में किशन, हेमांगिनी के घर पहुंचता है और अपनी भूख की बात करता है। हेमांगिनी उसे प्यार से समझाती है और उसे अपनी मरी हुई मां की तरह मानने का आश्वासन देती है। इस बीच, कादम्बिनी, जो हेमांगिनी की जेठानी है, इस बात पर नाराज होती है कि हेमांगिनी किशन के प्रति इतनी स्नेहिल है। वह हेमांगिनी को ताने देती है और कहती है कि अगर वह अपने बेटे को भूखा रखेगी तो कैसे नियंत्रण रख पाएगी। हेमांगिनी ने कादम्बिनी की बातों का जवाब देते हुए कहा कि वह उसे अच्छी तरह जानती है और पहले अपने बेटे को ध्यान में रखे। दोनों के बीच तीखी बहस होती है, जिसमें हेमांगिनी कादम्बिनी को निष्ठुर और बेहया कहती है। कहानी का अंत कादम्बिनी के गुस्से और हेमांगिनी के अपने विचारों को स्पष्ट करने के साथ होता है, जिसमें परिवार के सदस्यों के बीच लगातार तनाव और संघर्ष को दर्शाया गया है। मंझली दीदी - 5 Sarat Chandra Chattopadhyay द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 35.3k 46.4k Downloads 89.2k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दूसरे दिन सवेरे ही किशन चुपचाप हेमांगिनी के घर पहुंचकर उसके बिस्तर पर पैरों की ओर जाकर बैठ गया। हेमांगिनी ने अपने पैर थोड़े से ऊपर खींच लिए और बड़े प्यार से कहा, ‘किशन, दुकान पर नहीं जाएगा?’ ‘अब जाऊंगा।’ ‘देर मत कर भैया! इसी समय चला जा। वरना गालियां देने लगेंगी।’ किशन का चहेरा एक बार लाल पड़ा और फिर पीला पड़ा गया, ‘अच्छा जाता हूं,’ कहकर वह उठ खड़ा हुआ। उसने कुछ कहने की कोशिश की लेकिन फिर चुप हो गया। हेमांगिनी ने जैसे उसके मन की बात समझ ली, पूछा - ‘क्या मुझसे कुछ कहना चाहता है भैया?’ किशन ने जमीन की ओर देखते हुए बहुत ही कोमल स्वर से कहा, ‘मंझली दीदी! कल से कुछ भी नहीं खाया।’ Novels मंझली दीदी किशन की मां चने-मुरमुचे भून-भूनकर और रात-दिन चिन्ता करके वहुत ही गरीबी में उसे चौदह वर्ष का करके मर गई। किशन के लिए गांव में कही खडे होने के लिए भी जग... More Likes This फुटपाथ की ओर जीवन द्वारा Chandrika Menon इस घर में प्यार मना है - 5 द्वारा Sonam Brijwasi रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी