कहानी "प्रभु! हमें कॉमेडी से बचाओं" में यशवंत कोठारी कॉमेडी की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हैं। वे बताते हैं कि आज के समय में हर जगह कॉमेडी का बोलबाला है, लेकिन यह हास्य की गुणवत्ता में कमी आई है। दर्शक इस तथाकथित कॉमेडी में हंसी की तलाश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही मिलती है। कोठारी का कहना है कि आज के कॉमेडी शो में अश्लीलता और फूहड़ता भरी हुई है, और कोई भी सेंसर बोर्ड इसे नियंत्रित नहीं कर रहा। वे मानते हैं कि पहले की कॉमेडी, जैसे संस्कृत नाटकों या शेक्सपियर के कामों में, आम आदमी की आवाज थी, जबकि अब की कॉमेडी में केवल भोंडापन रह गया है। वे इस बात पर जोर देते हैं कि कॉमेडी का स्तर गिरता जा रहा है और समाज की जिम्मेदारी का कोई एहसास नहीं है। कोठारी यह भी पूछते हैं कि क्या हमारा हास्य बोध मर गया है, क्योंकि भारतीय संस्कृति में हास्य और प्रहसन का महत्वपूर्ण स्थान था, जो अब खो गया है। अंत में, वे यह चाहते हैं कि हास्य को फिर से उसके मूल स्थान पर लाया जाए, ताकि तनावमुक्त जीवन जीने के लिए हंसी की आवश्यकता पूरी हो सके। अफसर का अभिनन्दन - 26 Yashvant Kothari द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 3.5k 5.1k Downloads 10.7k Views Writen by Yashvant Kothari Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रभु !हमें कॉमेडी से बचाओं यशवंत कोठारी इस कलि का ल में वर्षा का तो अकाल है मगर कॉमेडी की बारिश हर जगह हो रही हैं ,क्या अख़बार क्या टी वि चेनल क्या समाचार चेनल सर्वत्र कॉमेडी की छाई बहार है.दर्शक श्रोता कॉमेडी की बाढ़ में बह रहा है, चिल्ला रहा है,मगर उसे बचा ने वाला कोई नहीं है.उसे इस तथाकथित कॉमेडी मे से ही जीवन तत्व की ऑक्सीजन ढूंढनी है.शायद ही एसा कोई चेनल हो जो कॉमेडी नहीं परोस रहा है.कार्यक्रमों की स्थिति ये की इन प्रोग्रम्मों से अच्छी कामेडी तो घरों में बच्चे कर लेते हैं, स्कूल Novels अफसर का अभिनन्दन कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वा... More Likes This नामुमकिन इश्क - एपिसोड 47 द्वारा kajal jha थ्योरी ऑफ वन शू: रात, रिस्क और स्प्लेंडर - 1 द्वारा Shivam Dhuriya गुप्त ख़ज़ाना द्वारा Shivam Dhuriya तीन तिगाड़ा, असाइनमेंट बिगाड़ा! द्वारा Shivam Dhuriya साहित्य का सर्कस - 1 द्वारा rakshita pal रांड का संड - भाग 1 द्वारा Renu Chaurasiya Conversations With Myself - 4 द्वारा Aarushi Singh Rajput अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी