नयना के लिए समय कठिन था क्योंकि वह विवेक से संपर्क नहीं कर पा रही थी। उसने कई बार फोन करने की कोशिश की, लेकिन विवेक का नंबर व्यस्त आता रहा और फिर नॉट रीचेबल हो गया। नयना ने अपनी मां से विवेक का नया नंबर मांगा, लेकिन मां ने कोई जवाब नहीं दिया। नयना को महसूस हुआ कि कुछ गलत हो रहा है, लेकिन वह समझ नहीं पा रही थी। एक दिन, जब नयना जल्दी घर आई, तो उसने देखा कि मां किसी से हंसते-हंसते बातें कर रही थी, लेकिन उसे देखते ही मां ने फोन रख दिया। जब नयना ने मां से पूछा कि किसका फोन था, तो मां ने झूठ बोला और कहा कि वह अपनी बहन से बात कर रही थी। नयना ने मां के चेहरे के भावों को गौर से देखा और उसे शक हुआ कि मां उससे कुछ छिपा रही हैं। उसे प्रकाश मोसाजी का ख्याल आया, जो विवेक के अफसर थे और शायद उन्हें विवेक के बारे में जानकारी हो। नयना ने तय किया कि वह बिना मां को बताए जया मोसी से मिलने जाएगी, ताकि वह विवेक के बारे में और जानकारी हासिल कर सके। डोर – रिश्तों का बंधन - 6 Ankita Bhargava द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 22.6k 5.9k Downloads 11k Views Writen by Ankita Bhargava Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण वह समय नयना के लिए बहुत कठिन था। विवेक से उसकी बात ही नहीं हो पा रही थी, बहुत कोशिश करती नयना उसका फोन लगाने की पर कुछ दिनों तक तो उसका नंबर व्यस्त आता रहा और फिर नोट रीचेबल आने लगा, शायद उसने अपना नंबर ही बदल लिया था। नयना ने मां से विवेक का नया नंबर इस उम्मीद से मांगा कि मां को तो उसने फोन किया ही होगा पर उन्होंने कोई जवाब ही नहीं दिया। मां पापाजी ने उन दिनों ख़ामोशी की एक अजीब सी चादर ओढ़ ली थी। नयना को यह तो समझ आ रहा था कि कुछ गलत हो रहा है पर क्या यह वह समझ नहीं पा रही थी। हालांकि मां के पास विवेक के फोन आते थे पर अधिकतर उस समय जब नयना घर पर नहीं होती थी। एक रोज़ उसकी तबियत कुछ ठीक नहीं थी तो वह बैंक से कुछ जल्दी घर आ गई उस समय मां किसी से फोन पर बड़े हंस हंस कर बातें कर रही थी मगर उसे देखते ही उन्होंने फोन रख दिया। Novels डोर – रिश्तों का बंधन ढ़ोलकी की थाप पर जैसे ही गीत शुरु हुआ सुरेश की आंखों के कोर भीग गए। कैसा माहौल होता है बेटी की शादी में। घर में रौनक भी होती है और खुशियाँ भी पर दिल मे... More Likes This Mr. Ms. Fake - एपिसोड 8 द्वारा kajal jha Love Beyond Countries - Part 1 द्वारा Anup Anand अजनबी से हमसफ़र तक - 1 द्वारा Payal Author बारिशवाला प्यार - 1 द्वारा Radha बारिश में मिली मोहब्बत - 1 द्वारा Satyam Solanki एक खत, जो कभी पहुँच नहीं पाया - 1 द्वारा Shanaya mehra एक मुलाकात द्वारा Raaz Anjan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी