"परिणीता" कहानी में गुरुचरण बाबू ने ब्रह्मसमाज को स्वीकार किया है, जिसके कारण नवीन राय ने उन्हें तिरस्कृत किया। तीन महीने बाद, जब गुरुचरण बाबू नवीन बाबू के पास गए, तो उन्हें वहाँ बैठने की अनुमति नहीं दी गई। नवीन बाबू ने गुरुचरण पर जाति बदलने का आरोप लगाया और गुस्से में उनसे कहा कि वह वहाँ से चले जाएं। गुरुचरण, जो अब ब्रह्मसमाजी हैं, बेहद दुखी हैं और घरेलू अशांति का सामना कर रहे हैं। उन्होंने ब्रह्मसमाज को स्वीकार करने का निर्णय अपनी मानसिक स्थिति के कारण लिया। नवीन राय ने गुरुचरण के निर्णय को घृणित बताते हुए उन्हें अपमानित किया और घर से निकालने के लिए कहा। गुरुचरण बाबू चुपचाप वहाँ से चले गए। इस स्थिति से नवीन राय का क्रोध और बढ़ गया, और उन्होंने घर के रास्ते बंद करवा दिए। भुवनेश्वरी, जो दूर परदेश में हैं, इस स्थिति को जानकर दुखी हो जाती हैं और पूछती हैं कि गुरुचरण को ऐसा करने के लिए किसने कहा। शेखर, भुवनेश्वरी का पुत्र, स्थिति को समझते हुए कुछ नहीं कहता। कहानी सामाजिक मानदंडों और व्यक्तिगत संघर्षों का चित्रण करती है। परिणीता - 8 Sarat Chandra Chattopadhyay द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 58.1k 11.7k Downloads 21k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण लगभग तीन माह बाद, गुरुचरण बाबू मलिन मुख नवीन बाबू के यहाँ आकर फर्श पर बैठने ही वाले थे कि नवीन बाबू ने बड़े जोर से डांटकर कहा- ‘न न,न, यहाँ पर नहीं, उघर उस चौकी पर जाकर बैठो। मैं इस कुसमय में नहीं नहा धो सकता-तुमने जाति बदली है-यह सत्य है न?’ क्षुब्ध होकर गुरुचरण बाबू एक दूर की चौकी पर जाकर बैठे। कुछ देर वे मस्तक झुकाए बैठे रहे। अभी चार दिन पहले की बात है, उन्होंने विधिवत् ब्रह्मसमाज को ग्रहण कर लिया है। अब वह ब्रह्मसमाजी हो गए हैं- यह खबर आज ही नवीन राय को मिली है। Novels परिणीता विचारों में डूबे हुए गुरूचरण बापु एकांत कमरे में बेठें थे। उनकी छोटी पुत्री ने आकर कहा-‘बाबू! बाबू। माँ ने एक नन्हीं सी बच्ची को जन्म दिया है।’ यह शुभ... More Likes This गरीब के बहते आंसु - 1 द्वारा prem chand hembram बांसुरी की धुन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram राहें - 9 द्वारा shiromani mathur एक घरवाली, चार बाहरवाली द्वारा sukhvinder Singh Rai धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी