"आखर चौरासी" की कहानी हरनाम सिंह के परिवार के एक शांत, अंधेरे शाम की है। परिवार के सभी सदस्य, जिनमें हरनाम सिंह, उनकी पत्नी, बेटा-बहू, बेटी और नातिन डिम्पल शामिल हैं, घर के अंदर चुपचाप बैठे हैं। डिम्पल, जो खेलने के लिए उत्सुक है, पिछले दिनों अपने मामा की शादी में नाना-नानी के घर रही थी और अब खेलने का मन कर रही है। तभी अचानक बाहर लॉन का गेट खड़का, जिससे परिवार में चिंता फैल जाती है। हरनाम सिंह अपने बेटे सतनाम से कहते हैं कि वह ड्राइंगरूम से बाहर देखकर आ जाए कि कोई आया है या नहीं। सतनाम सावधानी से बाहर देखने निकलता है और उसे कुछ भी संदेहास्पद नहीं दिखाई देता। फिर अचानक गेट फिर से खड़का और एक कुत्ता भीतर आता है, जिससे स्थिति स्पष्ट होती है कि यह सिर्फ कुत्तों की आवाज थी। सतनाम राहत की सांस लेते हुए वापस आता है और सबको बताता है कि कुछ कुत्ते लॉन में घुस आए थे। कहानी में परिवार की सुरक्षा की भावना और एक साधारण शाम के दौरान होने वाली घटनाओं का वर्णन किया गया है। आखर चौरासी - 20 Kamal द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 9.3k 3.4k Downloads 7k Views Writen by Kamal Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हरनाम सिंह का पूरा घर अँधेरे में डूबा हुआ था। घर के सभी खिड़की दरवाजे बंद थे। जाड़ों की शामें यूँ भी जल्द खामोश हो जाती हैं। बाहर ठण्ढी हवा साँय-साँय चल रही थी। भीतर हरनाम सिंह, उनकी पत्नी, बेटा-बहू, बेटी तथा पाँच वर्षीय नातिन डिम्पल चुपचाप बैठे थे। केवल उसी कमरे की बत्ती जल रही थी। डिम्पल के लिए तो उन सब चीजों का कोई मतलब समझ में नहीं आ रहा था। वह शाम से ही बाहर जा कर खेलने को मचल रही थी। पिछले दिनों जब से वह अपने मामा की शादी में नाना-नानी के घर आयी थी, उसकी हर शाम लॉन में आस-पड़ोस के बच्चों के साथ खेलती रही थी। हरनाम सिंह के घर का लॉन काफी खुला था। Novels आखर चौरासी कोयला खदान की गहराई से ऊपर धरती की सतह तक आने में हरनाम सिंह बुरी तरह थक चुके थे। खाखी रंग के हाफ पैंट और शर्ट पर कई जगह कोयले की कलिख लगी थी, जो खदान... More Likes This बांसुरी की धुन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram राहें - 9 द्वारा shiromani mathur एक घरवाली, चार बाहरवाली द्वारा sukhvinder Singh Rai धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी