उजरी अपने छोटे भाई के साथ जंगल से टहनियां, पत्ते, लकड़ी और घास बटोरकर एक सुंदर छोटे घर का खिलौना बनाती है। उसका सपना है कि वह इसे शहर में बेचकर अपने परिवार की मदद कर सके। नारो की स्वास्थ्य स्थिति बेहतर हो रही है, लेकिन उसकी पत्नी को काम पर जाना पड़ता है। उजरी अपने पिता से शहर में सामान बेचने के बारे में पूछती है, जिससे नारो हैरान होते हैं लेकिन उसे प्रोत्साहित करते हैं। उजरी की रचनात्मकता और मेहनत से उसे अपने माता-पिता का बोझ हल्का करने की उम्मीद है। कहानी इस संघर्ष और उजरी के सपनों के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां वह अपने परिवार के लिए एक बेहतर जीवन की तलाश में है। उजरिया ALOK SHARMA द्वारा हिंदी लघुकथा 11.5k 2.9k Downloads 13.2k Views Writen by ALOK SHARMA Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शहर से दूर एक जंगल के बीच मे कुछ अनुसूचित जनजाती के लोगो का एक छोटा सा कस्बा होता है उसी कस्बे में नारो नाम का व्यक्ति अपने परिवार के साथ रहता है, साथ मे उसकी एक 15 वर्षीय बेटी उजरी तथा एक छोटा बेटा और उसकी पत्नी होती है। उजरी को सभी प्यार से उजरिया बुलाते हैं। More Likes This लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी