कहानी "एकांत का उजाला" में एक महिला अपने अतीत के दर्द और परेशानियों से जूझती है। वह अपने भविष्य की ओर देखना चाहती है, जहाँ उसे स्वतंत्रता और आत्म-सम्मान की अनुभूति हो। एक लड़की के रूप में उसकी छोटी सी खुशियों की दुनिया थी, लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ी हुई, औरत होने के भारी बोझ और समाज की अपेक्षाओं का सामना करना पड़ा। कहानी में यह बताया गया है कि कैसे एक औरत को अपने अस्तित्व का एहसास कराने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जबकि समाज उसे अपमानित करता है। वह अपने भीतर चल रहे संघर्षों और बाहरी दुनिया की कठोरता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है। अंत में, उसके मन में एक गहरी उदासी और असहायता है, क्योंकि समाज ने उसकी लज्जा और शीलता को पुरुषों के हाथों में सौंप रखा है। कहानी का सार यह है कि औरत की पहचान और सम्मान को समाज द्वारा नकारा जाता है, और वह अपनी आत्मा के आघात के साथ जीने के लिए मजबूर है। एकांत का उजाला Pritpal Kaur द्वारा हिंदी मनोविज्ञान 2.1k 3k Downloads 11.6k Views Writen by Pritpal Kaur Category मनोविज्ञान पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एकांत का उजाला-प्रितपाल कौर. जनसत्ता 2 अक्टूबर २०१६. पीछे मुड कर क्यूँ देखती हो? क्या है वहां? सिर्फ दर्द, परेशानियाँ...... जानती हूँ... चेहरे पर छाई रहने वाली हंसी कब की लुप्त हो चुकी थी. पीछे मुड कर नहीं देख रही थी बल्कि बार-बार पीछे घूमती गर्दन को खींच रही थी. मरोड़ रही थी कि सामने देखे. सामने जहाँ भविष्य ने एक बार फिर जन्म लिया है. टूटन और बिखराव से अनजान दूध पीता उसका शैशव फुर्ती से हाथ-पैर चलाता जल्दी-जल्दी परवान चढ़ना चाहता है. अपनी दुनिया खडी करना चाहता है. जहाँ आँखों पर झिल्लियाँ नहीं चढ़ाई जातीं, पैरों में नाप से छोटे जूते नहीं पहनाये जाते. जहाँ खुल के हंसने पर अंदेशों का हौव्वा नहीं दिखाया जाता, जहाँ हाथों को शिकंजों में नहेने कसा जाता, जहाँ दिमाग पर रंदा फेर कर कुंद करने का प्रयास सतत चलता नहीं रहता... More Likes This जीवन का विज्ञान - 2 द्वारा Vedanta Two Agyat Agyani शब्द उपनिषद — सृष्टि का मौन विज्ञान - 1 द्वारा Vedanta Two Agyat Agyani जीवनोपनिषद - 1 द्वारा Vedanta Two Agyat Agyani मनत्रयी दर्शनम् द्वारा Vedanta Two Agyat Agyani संभोग से समाधि - 1 द्वारा Vedanta Two Agyat Agyani तन्हा सफ़र: जज़्बातों की छांव में भीगा इश्क़ - 2 द्वारा Babul haq ansari सिसकती वफ़ा: एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल दास्तान - 2 द्वारा Babul haq ansari अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी