हरनाम सिंह एक ईमानदार और धार्मिक व्यक्ति हैं, जो अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में सादा जीवन जीते हैं। वे अपनी दुकान के पास बैठकर अखबार पढ़ते हैं, जबकि उनका बड़ा बेटा सतनाम दुकान में ग्राहकों को राशन देता है। हरनाम सिंह की ड्यूटी तीन पाली में होती है, लेकिन वे हमेशा शाम को सतनाम की दुकान पर बैठकर अखबार पढ़ते हैं और फिर गुरुद्वारे जाते हैं। उनकी ईमानदारी और सरलता की वजह से लोग उनकी इज्जत करते हैं, खासकर उस समय जब रिश्वत लेना आम बात बन गया था। कहानी में दूरदर्शन के प्रसारण की तैयारी का भी जिक्र है, जिससे लोग उत्सुक हैं क्योंकि उन्होंने अभी तक टीवी नहीं देखा है। एक दिन हरनाम सिंह को याद आता है कि उन्हें अपने छोटे बेटे गुरनाम के लिए पैसे भेजने हैं। जब वे सतनाम से पूछते हैं, तो सतनाम बताता है कि उसने पैसे अपने दोस्त महादेव के जरिए भेज दिए हैं। हरनाम सिंह इस बात से खुश होते हैं कि पैसे समय पर पहुंच गए हैं, जिससे गुरनाम पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा। आखर चौरासी - 3 Kamal द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 1.2k 4.5k Downloads 10.6k Views Writen by Kamal Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हरनाम सिंह दुकान की बगल में बैठे अखबार पढ़ रहे थे। उनका बड़ा लड़का सतनाम दुकान के अन्दर ग्राहकों को राशन दे रहा था। यह स्थिति उनकी दूसरा पल्ला वाली रात ड्यूटी में ही नहीं बन पाती थी, जब उन्हें शाम चार बजे से रात बारह बजे तक की शिफ्ट में काम पर जाना होता था। शेष दोनों पल्लों अर्थात् पहला पल्ला, सुबह आठ से शाम चार बजे और तीसरा पल्ला, रात बारह बजे से सुबह आठ बजे तक में वे बिना नागा शाम की चाय पी कर घर से टहलते हुए पाँच-सात मिनट में सतनाम की दुकान की राशन दुकान में जा बैठते। दुकान का नौकर उनकी कुर्सी निकाल कर अखबार दे जाता। शाम ढलने तक वे वहीं अखबार पढ़ते। फिर गुरुद्वारा जा कर मत्था टेकते, रहिरास का पाठ सुनते और रात होते-होते घर लौट आते। Novels आखर चौरासी कोयला खदान की गहराई से ऊपर धरती की सतह तक आने में हरनाम सिंह बुरी तरह थक चुके थे। खाखी रंग के हाफ पैंट और शर्ट पर कई जगह कोयले की कलिख लगी थी, जो खदान... More Likes This मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी