इस लेख में लेखक यशवन्त कोठारी ने भारत की वर्तमान स्थिति पर व्यंग्यात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। वह बताते हैं कि भारत का नाम 'भारत' है क्योंकि हम भारतीय हैं, लेकिन कुछ लोग इसे 'इंडिया' या 'हिन्दुस्तान' भी कहते हैं, जो गुलामी के दिनों की याद दिलाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत पहले कृषि-प्रधान था, लेकिन अब यह कुर्सी-प्रधान हो गया है। लेखक ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलावों का जिक्र किया है, जहां पहले शिक्षा की कमी थी, लेकिन अब डिग्रीधारियों की भरमार है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग मुख्यतः तबादला विभाग बन गया है, और पी-एच.डी. की डिग्री अब सामान्य लोगों के लिए भी उपलब्ध हो गई है। कोठारी ने यह भी बताया कि भारत विकासशील देश है, लेकिन यहां काम करने की इच्छा की कमी है। हिन्दी को राष्ट्रभाषा माना जाता है, लेकिन अंग्रेजी का प्रचलन अधिक है। वे यह भी कहते हैं कि हमारे देश में साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए कोई मंत्रालय नहीं है, जिससे विदेशी देशों को लाभ होता है। अंत में, लेखक यह निष्कर्ष निकालते हैं कि हमारे समाज में वास्तविक लेखक और कलाकार अकादमियों से दूर रहते हैं और आमतौर पर बुद्धिजीवी केवल मृत्यु के बाद ही महान माने जाते हैं। अफसर का अभिनन्दन - 20 Yashvant Kothari द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 6.9k 4.9k Downloads 10.9k Views Writen by Yashvant Kothari Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा यशवन्त कोठारी हमारे देश का नाम भारत है । भारत नाम इसलिए है कि हम भारतीय हैं । कुछ सिर फिरे लोग इसे इण्डिया और हिन्दुस्तान भी पुकारते हैं, जो उनको गुलामी के दिनों की याद दिलाते हैं । वैसे इस देश का नाम भारत के बजाय कुछ और होता तो भी कुछ फर्क नहीं पड़ता । हम-आप इसी तरह इस मुल्क के एक कोने में पड़े सड़ते रहते और कुछ कद्रदान लोग इस देश को अपनी सम्पत्ति समझते रहते । वैसे भारत पहले कृषि-प्रधान था, अब कुर्सी प्रधान है; पहले सोने Novels अफसर का अभिनन्दन कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वा... More Likes This तीन तिगाड़ा, असाइनमेंट बिगाड़ा! द्वारा Shivam Dhuriya साहित्य का सर्कस - 1 द्वारा rakshita pal रांड का संड - भाग 1 द्वारा Renu Chaurasiya Conversations With Myself - 4 द्वारा Aarushi Singh Rajput पिंकू की परी - 1 द्वारा Deepak Kumar Tiwari Deeptansh वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 4 द्वारा sukhvinder Singh Rai प्यार भी तुमसे और टकरार भी - 1 द्वारा July Writes अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी