कहानी "घड़ीसाज़" में एक व्यक्ति एक घड़ीसाज़ की दुकान में जाता है, जहाँ वह घड़ीसाज़ एक गहरे दार्शनिक सवाल पूछता है, "कौन-सा समय होता है घड़ीसाज़ का?" यह सवाल सुनकर व्यक्ति थोड़ी असहजता महसूस करता है और घड़ीसाज़ की हंसी में एक पुरानी मासूमियत और ताजगी पाता है। घड़ीसाज़ अपनी दुकान में घड़ी के पुर्जों के साथ काम कर रहा है, और जब वह एक मुश्किल पुर्जे को खोलने की कोशिश करता है, तो उसकी मेहनत रंग लाती है और उसे सफलता मिलती है। उसकी आँखों में एक खास गहराई है, जो व्यक्ति को अंदर तक प्रभावित करती है और उसे डराती भी है। व्यक्ति अपनी सहजता बनाए रखने की कोशिश करता है, लेकिन घड़ीसाज़ की उपस्थिति और सवालों के कारण वह और अधिक असहज महसूस करता है। कहानी इस मनोवैज्ञानिक खेल और मानव संबंधों की जटिलताओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ एक साधारण दुकान और वहाँ का माहौल गहराई से सोचने पर मजबूर करता है। घडीसाज़ Manish Vaidya द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 1.3k 2.8k Downloads 11.4k Views Writen by Manish Vaidya Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “कौन-सा ... कौन-सा समय होता है घडीसाज़ का।“ उसने चश्मे के अंदर अपनी कंजी और मिरमिरी-सी आँखों से घूरते हुए दार्शनिक अंदाज़ में सीधे मेरी ओर उछाला था यह सवाल। मैं कतई तैयार नहीं था ऐसे किसी सवाल के लिए। मैं औचक खड़ा रह गया उसकी उलझी हुई मूँछ और सफ़ेद दाढ़ी को देखते हुए। “यंगमैन, मैं तुमसे पूछ रहा हूँ...” मुझे इस तरह अन्यमनस्क देखकर हँसा था वह। More Likes This कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी