कहानी "मायामृग" में शुभ्रा अपने बेटे उदय के जाने के बाद गहरे दुःख में है। उसकी मित्र-मंडली उसे इस दर्द से दूर रखने के लिए हर संभव प्रयास करती है, लेकिन शुभ्रा की उदासी सब पर भारी है। वह अपने बेटे की गलतियों और गर्वी के शब्दों को लेकर चिंतित है, जबकि उसके मित्र उसे हिम्मत देने की कोशिश करते हैं। शुभ्रा खुद को कमजोर महसूस करती है और अपने बेटे और परिवार को दोषी मानने लगती है, लेकिन वह समझ नहीं पाती कि उसे क्या करना चाहिए। इस स्थिति में वह निराश होकर अपने मित्रों के सामने टूट जाती है। कहानी में एक माँ की भावनाएँ, परिवार की अपेक्षाएँ और सामाजिक दबाव की जटिलताएँ उजागर की गई हैं। मायामृग - 17 Pranava Bharti द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 3.2k 2.3k Downloads 5.3k Views Writen by Pranava Bharti Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उदय के जाने के बाद शुभ्रा की बड़ी सी मित्र-मंडली उसे इस पीड़ा से दूर रखने के सौ-सौ उपाय करती कभी उसे अपने घर बुला लेना, कभी उसके पास ही आ जाना, कभी किसी होटल में तो कभी किसी न किसी कार्यक्रम में वे सब उसे ज़बरदस्ती ले जाते शुभ्रा के मुख पर उदासी पसरी देखकर उसके मित्र भी उदास हो उठते “जीवन में सबके साथ यही होना है, कोई पहले तो कोई बाद में, सबको जाना है ---” काफ़ी दिनों तक तो वह मन ही मन घुटती रही फिर ऐसे क्षण भी आए जब वह स्वयं को रोक न सकी Novels मायामृग यूँ तो सब ज़िंदगी की असलियत से परिचित हैं, सब जानते हैं मनुष्य के जन्म के साथ ही उसके जाने का समय भी विधाता ने जन्म के साथ ही जाने का समय भी लिखकर भीतर... More Likes This Maharana Pratap - Introduction द्वारा Aarushi Singh Rajput मेरा प्यार - 1 द्वारा mamta सदियों से तुम मेरी - 2 द्वारा Pooja Singh मशीन का दिल - 1 द्वारा shishi ब्रिंदा - एक खूबसूरत एहसास - 1 द्वारा jay panchal मैं दादा-दादी की लाड़ली - 2 द्वारा sapna बिना देखे प्यार - 1 द्वारा mahadev ki diwani अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी