लोभिन - 1 Meena Pathak द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

लोभिन - 1

Meena Pathak Verified icon द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

वह सूनी आँखों से टुकुर-टुकुर पंखे को देख रही थी..आँखें धँस गयीं थीं..शरीर हड्डियों का पिंजर बन गया था..चमड़ी झूल कर लटक गयी थी..सिर पर सफ़ेद बालों की खूँटियाँ निकल आयी थीं..शायद कुछ दिनों पहले ही उसका सिर घुटाया ...और पढ़े