कवि यशवंत कोठारी मारीशस में विश्व हिंदी सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे हैं, लेकिन उनका असली मकसद पिकनिक मनाना है। वे हर सरकार के साथ जुड़कर अपने लिए सुविधाएं हासिल कर लेते हैं। सम्मेलन के दौरान उनके परिवार के सदस्य भी साथ हैं, और वे समुद्र के किनारे मस्ती कर रहे हैं। कवि प्रिया फोटो खींचने में व्यस्त है, जबकि अन्य लोग मनोरंजन की तलाश में हैं। सम्मेलन में हिंदी के विकास पर कोई चर्चा नहीं हो रही है, और तकनीकी मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है। सरकारी अफसर अंग्रेजी में बातचीत कर रहे हैं, और हिंदी के भविष्य की चिंता किसी को नहीं है। मारीशस ने कोई प्रतिनिधि मंडल नहीं भेजा, और भारत से आए लोग केवल दर्शक बनकर रह गए हैं। कवि का ध्यान केवल मौज-मस्ती और खरीददारी पर है, और वे पुरस्कारों के लिए जोड़-तोड़ करने की योजना बना रहे हैं। इस सब के बीच, हिंदी भाषा का भविष्य अनिश्चित है, लेकिन कवि की चिंताओं से दूर, वे समुद्र में आनंद ले रहे हैं। अफसर का अभिनन्दन - 17 Yashvant Kothari द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 2.6k 3.7k Downloads 9.2k Views Writen by Yashvant Kothari Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मारीशस में कवि यशवंत कोठारी जुगाडू कवि मारीशस पहुँच गए.हर सरकार में हलवा पूरी जीमने का उनका अधिकार है,वे हर सरकार में सत्ता के गलियारे में कूदते फांदते रहते हैं और कोई न कोई जुगाड़ बिठा लेते हैं.जरूरत पड़ने पर विरोधियों का भी विरोध कर लेते हैं.एक ने पूछा –आप हर सरकार में कैसे घुस जाते हैं ?जवाब मिला-विद्वान सर्वत्र पूज्यते ,वापस उत्तर मिला-चमचा सर्वत्र विजयते .सम्मलेन दसियों हो गए हिंदी का क्या हुआ.यह यक्ष प्रश्न बना ही रहा.बहती गंगा में सब ने हाथ धो लिए.हर सरकार में एसा ही होता आया हैं.आगे भी होता रहेगा.सरकार केवल चुनाव जितना Novels अफसर का अभिनन्दन कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वा... More Likes This मजनू की मोहब्बत पार्ट-1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik मजनू की मोहब्बत द्वारा Deepak Bundela Arymoulik सैयारा का तैयारा द्वारा dilip kumar झग्गू पत्रकार (व्यंग सीरीज) द्वारा Deepak Bundela Arymoulik देसी WWE - गांव के पहलवान बनाम विलायती दंगल ! - 1 द्वारा sachim yadav कॉमेडी का तड़का - 1 द्वारा Kaju Check-In हुआ, Check-Out नहीं! - अध्याय 3 द्वारा Sakshi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी