इस कहानी में जाह्नवी, जो राज्य की पहली महिला आईएएस अधिकारी बनी है, का एक महत्वपूर्ण दिन दर्शाया गया है। यह घटना शिमला के मशोबरा में 'मधु-स्मृति विला' में होती है, जहाँ सभी प्रमुख समाचार पत्रों के संवाददाता उसकी सफलता पर उसका इंटरव्यू लेने के लिए उपस्थित होते हैं। जाह्नवी अपने स्वर्गीय पिता की इच्छा के कारण इस परीक्षा में बैठी थी और उनकी याद में भावुक हो जाती है। प्रेस के सवालों का जवाब देते हुए, वह अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता के आशीर्वाद और अपने भाई-भाभी के समर्थन को देती है। वह महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहती है कि उन्हें देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, खासकर जब देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जैसी अद्भुत नेता हैं। इंटरव्यू के बाद, जाह्नवी घर लौटती है और अनुराग आगंतुकों को चाय-नाश्ता कराने में व्यस्त हो जाता है। कहानी जाह्नवी के उत्साह और अपने प्रियजनों के प्रति उसके सम्मान को उजागर करती है। पल जो यूँ गुज़रे - 21 Lajpat Rai Garg द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 11.2k 3.3k Downloads 9.6k Views Writen by Lajpat Rai Garg Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अन्ततः मई के द्वितीय सप्ताह की एक खुशनुमा प्रातः ऐसी आई जब शिमला स्थित सभी प्रमुख समाचारपत्रों के सम्वाददाता अपने—अपने कैमरामैन के साथ मशोबरा के ‘मधु—स्मृति विला' के परिसर में प्रतीक्षारत थे, इस घर की बेटी — जाह्नवी का इन्टरव्यू लेने व उसका फोटो खींचने के लिये, जिसने न केवल यूपीएससी की परीक्षा पास की थी बल्कि राज्य की प्रथम महिला आईएएस अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया था, और वह घर के अन्दर खुशी के मारे नर्वस अवस्था में तैयार हो रही थी। अनुराग ने बहादुर को लॉन में कुर्सियाँ लगाने को कहा। जैसे ही जाह्नवी को रिज़ल्ट का पता चला, उसने निर्मल से बात करने के लिये कॉल बुक करवाई और स्वयं प्रेस वालों के सामने आने के लिये तैयार होने लगी। तैयार होकर वह अनुराग के साथ बाहर आई। सभी उपस्थित प्रेस वालों ने उठकर अभिवादन किया तथा बधाई दी। Novels पल जो यूँ गुज़रे अपना आखिरी पीरियड लगाने के बाद जैसे ही निर्मल ने डिपार्टमेंट से बाहर कदम बढ़ाये कि उसका सामना बेमौसम की बारिश की हल्की—हल्की बूँदों से हुआ। इसकी परवाह... More Likes This सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी