दस दरवाज़े - 17 Subhash Neerav द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

दस दरवाज़े - 17

Subhash Neerav मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

एक दिन करमजीत का फोन आता है - “कैसे भाई, लगाए जाता है?” “और अब क्या करूँ।” “कोई शिकायत तो नहीं?” “शिकायत तो कोई नहीं, पर कब तक रहेगी ये?” “जब कोई शिकायत ही नहीं तो ये सवाल क्यों पूछ रहा है?” “फिर भी, अधिक ...और पढ़े