रीना की शादी को चार साल हो गए हैं और उसका एक साल का बेटा अभय है। उसे उसके पति हर्ष और सास करुणा का बहुत प्यार मिलता है। रीना की नन्द दिव्या के साथ उसका दोस्ताना रिश्ता है। एक दिन, रीना अपनी सास से मायके जाने की इच्छा व्यक्त करती है, जिसे करुणा ने बिना किसी शर्त के स्वीकार कर लिया। इस पर पड़ोसन सरिता आश्चर्यचकित होती है और कहती है कि बहुओं को इतनी छूट नहीं देनी चाहिए। करुणा जी सरिता की बातों को सुनती हैं और फिर अपने नजरिए के बारे में बताती हैं। वे कहती हैं कि समाज में सास और बहू के रिश्ते को लेकर कई गलतफहमियां हैं। अगर बेटी बिना पूछे कहीं चली जाए तो चिंता होती है, लेकिन बहू के जाने पर तानाशाही का व्यवहार किया जाता है। करुणा जी यह भी कहती हैं कि बहू के हर काम को परिवार की इज्जत से जोड़ा जाता है, और यह सोच बन गई है कि बहू बेकार होती है। वे इस धारणा को चुनौती देती हैं कि मायके वाले परिवार तोड़ते हैं, और याद दिलाती हैं कि वे भी एक मायके वाली हैं। इस तरह, कहानी में सास-बहू के रिश्ते और समाज की धारणाओं पर विचार किया गया है। मायका और ससुराल Roopanjali singh parmar द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 32.3k 12.9k Downloads 54.1k Views Writen by Roopanjali singh parmar Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रीना की शादी को चार साल हो गए थे, उसका एक बेटा भी था अभय, जो एक साल का था। पति हर्ष और सास करुणा उसे बहुत प्यार करते थे, और ससुर महेंद्र सिंह भी कभी उसके साथ ससुर की तरह पेश नहीं आये थे।रीना की एक नन्द भी थी 'दिव्या'। उनके बीच सहेलियों जैसा रिश्ता था। दिव्या यूँ तो रीना से बड़ी थी मगर उस पर ना हुकुम चलाती और ना कभी किसी बात पर रोक-टोक करती। दिव्या की शादी उसके भाई हर्ष की शादी के दो साल पहले ही हुई थी।परिवार में हँसी ख़ुशी का माहौल बना रहता More Likes This Pain In Business द्वारा Ashish दुश्मन से पहला प्यार: द मिस्टीरियस क्वीन - भाग 2 द्वारा Pihu Patel कुदरत का आईना द्वारा Praveen Kumrawat खण्ड - 01 महाराणा सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - 6 द्वारा Hind Gaurav तनाव और डिप्रेशन से मुक्ति - भाग 1 द्वारा Nitya Oswal उसकी गलती क्या थी? - 1 द्वारा blue sky and purple ocean शक्तिपीठ देवबंद द्वारा Ritin Pundir अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी