दस दरवाज़े - 9 Subhash Neerav द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

दस दरवाज़े - 9

Subhash Neerav मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

मैं शराब की छोटी-सी दुकान खरीद लेता हूँ। यह लंदन के बिल्कुल उत्तर में है। घर से बीस मील दूर पड़ जाती है। दुकान में सचमुच बहुत काम करना पड़ता है। सवेरे खोलकर रात देर से बंद करता हूँ। ...और पढ़े