इस व्यंग्य में लेखक यशवंत कोठारी ने समाज में बढ़ते बिकाऊ लोगों की प्रवृत्ति पर कटाक्ष किया है। वह बताते हैं कि कैसे लोग विभिन्न स्थानों पर बिकने को तैयार हैं, चाहे वह फुटपाथ हो या मल्टीप्लेक्स। बुद्धिजीवी और आम आदमी दोनों ही अपनी "कीमत" पर बिक जाते हैं। लेखक ने इस बिकने की प्रवृत्ति को फैशन बताया और कहा कि सही कीमत मिलने पर कोई भी बिकने के लिए तैयार हो जाता है। सामाजिक और राजनीतिक स्थिति को भी उजागर किया गया है, जिसमें नेता चुनावी टिकट खरीदते हैं और सरकारें भी बिकती हैं। हर व्यक्ति एक टैग के साथ घूम रहा है, जिससे उनकी बिक्री की संभावनाएं बढ़ती हैं। अस्मत, नौकरी, और सम्मान जैसे मूल्य भी खरीदे और बेचे जा रहे हैं। लेखक ने साहित्यकारों और पत्रकारों के उदाहरण दिए, जो विभिन्न पुरस्कारों और पदों के लिए बिकने के प्रयास में हैं। इस प्रकार, यह व्यंग्य समाज की भौतिकता और नैतिकता की कमी को उजागर करता है, जिसमें हर चीज को एक कीमत पर खरीदा जा सकता है। अफसर का अभिनन्दन - 16 Yashvant Kothari द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 3.5k 5k Downloads 11.5k Views Writen by Yashvant Kothari Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण व्यंग्य हम सब बिकाऊ हैं . यशवंत कोठारी इधर समाज में तेजी से ऐसे लोग बढ़ रहे हैं जो बिकने को तैयार खड़े हैं बाज़ार ऐसे लोगों से भरा पड़ा हैं,बाबूजी आओ हमें खरीदों.कोई फुट पाथ पर बिकने को खड़ा है,कोई थडी पर ,कोई दुकान पर कोई ,कोई शोरूम पर,तो कोई मल्टीप्लेक्स पर सज -धज कर खड़ा है.आओ सर हर किस्म का मॉल है.सरकार, व्यवस्था के खरीदारों का स्वागत है.बुद्धिजीवी शुरू में अपनी रेट ऊँची रखता है ,मगर मोल भाव में सस्ते में बिक जाता है.आम आदमी ,गरीब मामूली कीमत पर मिल जाते है.वैसे भी कहा है गरीब की Novels अफसर का अभिनन्दन कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वा... More Likes This तीन तिगाड़ा, असाइनमेंट बिगाड़ा! द्वारा Shivam Dhuriya साहित्य का सर्कस - 1 द्वारा rakshita pal रांड का संड - भाग 1 द्वारा Renu Chaurasiya Conversations With Myself - 4 द्वारा Aarushi Singh Rajput पिंकू की परी - 1 द्वारा Deepak Kumar Tiwari Deeptansh वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 4 द्वारा sukhvinder Singh Rai प्यार भी तुमसे और टकरार भी - 1 द्वारा July Writes अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी