"बनते – बिगड़ते फ्लाई ओवर" कहानी यशवंत कोठारी द्वारा लिखी गई है, जिसमें लेखक सड़क मार्ग पर बनते और बिगड़ते फ्लाई ओवरों के माध्यम से विकास की वास्तविकता को उजागर करते हैं। वह बताते हैं कि सरकारें विकास की तैयारी कर रही हैं, जबकि ठेकेदार और इंजीनियर अपने कमीशन के लिए काम कर रहे हैं, और आम जनता परेशान है। फ्लाई ओवर का निर्माण अक्सर बजट को बढ़ाता है और आम आदमी की जान जोखिम में डालता है। लेखक यह भी बताते हैं कि एक सरकार फ्लाई ओवर बनाती है, जबकि दूसरी उसे तोड़कर नया बनवाती है, जिससे यह खेल सत्तर वर्षों से जारी है। फ्लाई ओवर के नीचे अवैध गतिविधियों का एक पूरा शहर बस जाता है, जिसमें असामाजिक तत्व और गरीब लोग शामिल होते हैं। सरकारें और प्रशासन इस स्थिति पर आंखें मूंद लेते हैं, जबकि स्थानीय नेता अपने स्वार्थ में लगे रहते हैं। लेखक ने ग्रामीणों से बातचीत के माध्यम से दिखाया है कि गांवों की सड़कें खराब हैं, लेकिन फ्लाई ओवरों की संख्या को विकास मापा जाता है। अंत में, वह इस बात पर जोर देते हैं कि फ्लाई ओवरों के नीचे कितने गरीब दबे हुए हैं, इसकी कोई परवाह नहीं करता। इस प्रकार, कहानी विकास के नाम पर होने वाले खोखले कार्यों और आम आदमी की उपेक्षा को उजागर करती है। अफसर का अभिनन्दन - 15 Yashvant Kothari द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 5.2k 4.9k Downloads 10.5k Views Writen by Yashvant Kothari Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बनते –बिगड़ते फ्लाई ओवर यशवंत कोठारी जब भी सड़क मार्ग से गुजरता हूँ किसी न किसी बनते बिगड़ते फ्लाई ओवर पर नज़र पड़ जाती है.मैं समझ जाता हूँ सरकार विकास की तय्यारी कर रही है,ठेकेदार इंजिनियर कमिशन का हिसाब लगा रहे हैं और आस पास की जनता परेशान हो रही हैं टोल नाके वाले आम वाहन वाले को पीटने की कोशिश में लग जाते हैं.फ्लाई ओवर का आकार -प्रकार ही ऐसा होता हैं की बजट लम्बा चो डा हो जाता है.अफसरों की बांछे खिल जाती हैं .सड़क मंत्री संसद में घोषणा करते हैं और लगभग उसी समय सड़क पर Novels अफसर का अभिनन्दन कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वा... More Likes This तीन तिगाड़ा, असाइनमेंट बिगाड़ा! द्वारा Shivam Dhuriya साहित्य का सर्कस - 1 द्वारा rakshita pal रांड का संड - भाग 1 द्वारा Renu Chaurasiya Conversations With Myself - 4 द्वारा Aarushi Singh Rajput पिंकू की परी - 1 द्वारा Deepak Kumar Tiwari Deeptansh वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 4 द्वारा sukhvinder Singh Rai प्यार भी तुमसे और टकरार भी - 1 द्वारा July Writes अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी