इस कहानी में यशवंत कोठारी चिकित्सा शिविरों के व्यापारिक पहलू पर प्रकाश डालते हैं। वे बताते हैं कि इन शिविरों की संख्या हर जगह बढ़ रही है, और यह अक्सर चेरिटी ट्रस्ट के नाम पर आयोजित किए जाते हैं। शिविरों का प्रचार-प्रसार जोरदार तरीके से किया जाता है, जिसमें मुफ्त इलाज और टेस्ट का वादा किया जाता है, लेकिन वास्तविकता में यह सब कुछ नहीं होता। बड़े डॉक्टरों की अनुपस्थिति और पेरा मेडिकल स्टाफ की अयोग्यता के कारण मरीजों को अस्पतालों में ले जाकर इलाज करने की प्रक्रिया में लाया जाता है। शिविरों में गरीबों के मुफ्त इलाज के वादे होते हैं, लेकिन मरीजों को अंततः अस्पताल जाना पड़ता है। कई मामलों में, मरीजों को गलत इलाज और ऑपरेशन का सामना करना पड़ता है। सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिलने के बावजूद, शिविरों की असल स्थिति का कोई हिसाब नहीं होता। इसके अलावा, डॉक्टरों को कम वेतन और अधिक कमीशन देने की प्रथा है, जिससे मरीजों का शोषण होता है। कुल मिलाकर, चिकित्सा शिविर अब एक व्यवसाय बन गए हैं, जो जनता के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो रहे हैं। अफसर का अभिनन्दन - 14 Yashvant Kothari द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 2.5k 3.7k Downloads 9.8k Views Writen by Yashvant Kothari Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण धंधा चिकित्सा शिविरों का ... यशवंत कोठारी हर तरफ चिकित्सा शिविरों की बहार हैं. जिसे देखो वो ही शिविर लगा रहा है. कहीं भी जगह दिखी नहीं की कोई न कोई शिविर लगाने वाला आ जाता है, मंदिर ,मस्जिद ,गुरु द्वारा , गिरजा घर , मैदान ,स्कूल, कालेज , हर जगह चिकित्सा शिविर के लिए मोजूं हैं.मैं इन शीविरों में गया. ज्यादातर शिविर किसी न किसी चेरिटी ट्रस्ट के नाम पर चलाये जाते हैं, ट्रस्ट, समिति , फाउन्डेशन आदि बनाकर आय कर बचाया जाता है, इन शी विरों का प्रचार प्रसार बड़े जोर शोर से किया जाता है, बड़े Novels अफसर का अभिनन्दन कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वा... More Likes This मजनू की मोहब्बत पार्ट-1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik मजनू की मोहब्बत द्वारा Deepak Bundela Arymoulik सैयारा का तैयारा द्वारा dilip kumar झग्गू पत्रकार (व्यंग सीरीज) द्वारा Deepak Bundela Arymoulik देसी WWE - गांव के पहलवान बनाम विलायती दंगल ! - 1 द्वारा sachim yadav कॉमेडी का तड़का - 1 द्वारा Kaju Check-In हुआ, Check-Out नहीं! - अध्याय 3 द्वारा Sakshi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी