बारीश Raje. द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

बारीश

Raje. द्वारा हिंदी लघुकथा

अभी 5:45 शाम के बज रहे थे।मैने नाश्ता खतम किया। और पुछा कितने रुपे हुए। वह कुछ दैर गीन कर बोला। शाब, 20 रुपे। मैने जट से पोकेट नीकाला और 50 रुपेकी नोट नीकाली। मैने जैसे ही असकी और बढाई ...और पढ़े