दस दरवाज़े - 5 Subhash Neerav द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

दस दरवाज़े - 5

Subhash Neerav Verified icon द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

एक दिन नसोरा मुझसे कहती है - “तेरी बात सच है कि अकेले रहना बहुत कठिन होता है।“ “नसोरा, अगर कहे तो किसी लड़के को तुझसे मिलवाऊँ?“ “लवी, मुझे लड़कों की कमी नहीं, मेरे इर्दगिर्द बहुत लड़के हैं।“ “जिस लड़के की मैं बात ...और पढ़े