यह कहानी एक बुजुर्ग महिला के बारे में है, जो गलत बस में चढ़ गई और अपनी मंजिल नहीं जानती। बस कंडक्टर उनकी सहायता नहीं कर पाता क्योंकि वे टिकट नहीं ले पाईं। एक यात्री उनकी मदद करने की कोशिश करता है और उनसे पूछता है कि वे कहाँ जा रही हैं। महिला बताती हैं कि उनके बेटे ने उन्हें चौकीदार के साथ भेजा था, लेकिन अब वे अकेली हैं और घर नहीं पहुँच पा रही हैं। यात्री और अन्य यात्री समझते हैं कि महिला का बेटा उन्हें छोड़ दिया है। वे उन्हें पुलिस चौकी में बिठाते हैं और उनकी गुमशुदगी की सूचना देते हैं। कुछ दिन बाद, जब यात्री लौटता है, तो उसे पता चलता है कि महिला फिर से सड़क पर भीख मांग रही हैं। आखिरकार, वह उन्हें ग्वालियर के वृद्धाश्रम में भर्ती कराता है, जहां वे अपनी दिनचर्या बिताने लगती हैं। उनकी तस्वीरें अखबारों और सोशल मीडिया पर छपती हैं, लेकिन कोई भी उन्हें पहचान नहीं पाता और न ही कोई उन्हें लेने आता है। यह कहानी मानवीय संवेदनाओं, बुजुर्गों की देखभाल और परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को दर्शाती है। पूत कपूत तो ? Shobha Sharma द्वारा हिंदी लघुकथा 6.1k 2.4k Downloads 14.5k Views Writen by Shobha Sharma Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण "ऐ बाई ! कहां का टिकिट काटें ? " -बस कंडक्टर चौथी बार चिल्लाया तो पीछे की सीट पर बैठा मैं अपनी जगह पर खड़ा हो गया . - ठीक से बात करिये कंडक्टर साहब , बुजुर्ग महिला हैं . - क्या करुं भाई, माताजी न तो टिकट ले कर बैठीं , न हीं कुछ बता रहीं हैं, मुझे भी तो अपनी ड्यूटी पूरी करनी है । रुपये नहीं थे More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी