यह कहानी संग्रह "घर – परिवार – कथाएं – व्यथाएँ – लघुकथाएं" में कई छोटे-छोटे किस्से शामिल हैं, जो परिवारिक और सामाजिक जीवन की विभिन्न पहलुओं को दर्शाते हैं। 1. **संदूक**: एक आयकर अधिकारी एक बुजुर्ग माँ के घर छापा मारता है और एक संदूक खोलता है, जिसमें सुखी रोटियों के टुकड़े होते हैं। यह देखकर अधिकारी भावुक हो जाता है। 2. **स्मार्ट बहू**: काम वाली नहीं आने पर सास घर का काम संभालती हैं। बहु अपनी सहेली के साथ जाकर काम वाली लाती है। 3. **त्यौहार**: एक बड़े त्यौहार के दौरान परिवार के सदस्य एकत्र होते हैं और एक-दूसरे को उपहार देते हैं। 4. **फीस**: एक बेटे की माँ की मृत्यु के बाद वह अपने पिता से मकान बेचकर बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे जुटाने की बात करता है, लेकिन पिता इस विचार को अस्वीकार कर देता है। 5. **दान**: एक विधवा माँ अपने बेटे से दान के लिए पैसे की मांग करती है, लेकिन बेटा ध्यान नहीं देता और बाद में परिवार विदेश चला जाता है। 6. **विवाह**: एक परिवार में विवाह के दौरान गृहपति विभिन्न मेहमानों के लिए व्यवस्था करता है और बुजुर्गों को बाहर नहीं निकलने की सलाह देता है। 7. **एक बूढ़ा और गिलहरी**: बर्फ से ढके मौसम में एक बूढ़ा आदमी अकेला रहता है, और उसकी दोस्ती दो गिलहरियों से होती है, जो उसे मूंगफली के दाने के लिए आती हैं। 8. **आदान-प्रदान**: एक शिक्षिका मंत्री के पास ट्रांसफर के लिए जाती है और मंत्री की पत्नी को भी उसी प्रकार की स्थिति में देखती है, जिससे उसे व्यंग्यात्मक मुस्कान आती है। 9. **कवि की आत्मा**: एक कवि को लंबे समय बाद नौकरी मिलती है और वह अपने परिवार के साथ नए घर में शिफ्ट होता है, लेकिन उसे घर में कुछ अजीब लगता है। यह लघुकथाएं जीवन की विविधता, पारिवारिक संबंधों, और मानवीय भावनाओं का सुंदर चित्रण करती हैं। वैश्या वृतांत - १० Yashvant Kothari द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 10.8k 5.7k Downloads 13k Views Writen by Yashvant Kothari Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण घर –परिवार –कथाएं –व्यथाएँ-लघुकथाएं १ -संदूक एक घर में आयकर वालों का छापा पड़ा. अधिकारी ने सब छान मारा .अंत में एक संदूक दिखा ,बूढी माँ ने अनुनय की इसे मत खोलो ,मगर संदूक खोला गया .उसमे कुछ सुखी रोटियों के टुकड़े थे ,जो माँ के रात-बिरात काम आते थे.आयकर अधिकारी रो पड़ा. ००००००० २--स्मार्ट बहू काम वाली नहीं आई थी ,सास ने जल्दी उठ कर सारा काम निपटा दिया.कुछ दिनों बाद फिर ऐसा ही हुआ.बहु कार लेकर गई अपनी सहेली के यहाँ से काम वाली को का र में बिठा कर लाई,काम कराया और वापस का र से Novels वैश्या वृतांत देह व्यापार.विवेचन इनसाइक्लोपेडिया ब्रिटानिका के अनुसार देह व्यापार का अर्थ है मुद्रा या धन या मंहगी वस्तु और षारीरिक सम्बन्धों का विनिमय। इस परिभापा... More Likes This आखिरी चिठ्ठी जो कभी भेजी हीं नहीं गई....? - 1 द्वारा jassu एक दिन का Boyfriend - 1 द्वारा Shivraj Bhokare चुपके-चुपके आऊँगा - भाग 1 द्वारा Std Maurya अधूरी धुन - 1 द्वारा Avinash अग्नि एक अधूरी इबादत - भाग 1 द्वारा ayush dhangar ये चाहते : एक अधूरी कहानी - 1 द्वारा javy वाह! क्या थप्पड़ हैं - 1 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी