कहानी में सुमित्रा और सोमेश के बीच की बातचीत को दर्शाया गया है, जिसमें सोमेश सुमित्रा की डरपोक प्रवृत्ति पर नाराजगी व्यक्त करता है। सुमित्रा अपने खानदानी डर को स्वीकार करती है और इसे बदलना मुश्किल मानती है। सुमित्रा की पहली मुलाकात सोमेश से तब हुई थी जब उसके पिता का ऑपरेशन हो रहा था, जिससे वह बहुत चिंतित थी। वह अपने माता-पिता के प्रति अत्यधिक स्नेह रखती है और अपनी माँ को बिना कहे समझती है। जब सुमित्रा और उसकी माँ अस्पताल पहुँचती हैं, तो वह अपने पापा को ऑपरेशन थियेटर में जाते देखती है, और उसे अपने भाई और दोस्तों की अनुपस्थिति का एहसास होता है। वह अपने बचपन के प्रेम को लेकर चिंतित है, यह सोचते हुए कि कहीं उसके स्नेह में कमी तो नहीं रह गई। अंतर्मुखी स्वभाव की सुमित्रा ने कभी अपने भावों को व्यक्त नहीं किया, क्योंकि वह अपनी साहसी दीदी के छत्रछाया में बड़ी हुई थी। दीदी के विवाह के बाद, माँ ने सुमित्रा की जिम्मेदारी ले ली। दीदी के शहर छोड़ने के बाद, सुमित्रा को उसके द्वारा गाए गए गाने की याद आती है। कंधा Amita Joshi द्वारा हिंदी लघुकथा 20k 3.2k Downloads 12k Views Writen by Amita Joshi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण "कितनी डरपोक हो तुम ,तुम्हें छोड़ कर मैं कहीं नहीं जा सकता ।अच्छे भले बन्द घर में भी डर लगता है तुम्हे ,ऐसा कब तक चलेगा ",सोमेश की आवाज़ में एक खीज थी ।"क्या करूं ये मेेेरा खानदानी डर है ,इससे बाहर निकलना बहुुत कठिन है ", सुमित्रा ने बड़े प्यार से सोमेश के कंधे पर सिर रख कर कहा । ।प्रौढ़ावस्था में किए गए विवाह को सुमित्रा छोटी छोटी बातों से टूटने की दिशा में नहीं ले जाना चाहती थी । इसलिए वह बहुत सी बातो को सुना अनसुना कर देती थी ।सोमेश से अपनी पहली मुलाकात सुमित्रा कैसे More Likes This चुन्नू और मुन्नू - एक खट्टी-मीठी दोस्ती ( भाग -1) द्वारा Vishakha Pareek जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी