भिंडी बाजार, मुंबई का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो मुस्लिम बहुल आबादी के लिए जाना जाता है। इसका नाम तीन कारणों से पड़ा: पहले, यह स्थान जहाँ गाँवों के हाट लगते थे; दूसरे, बर्तन बनाने की वजह से (जिसे मराठी में भांडी कहा जाता है); और तीसरे, फोर्ट के पास स्थित होने के कारण इसे बिहाइंड मार्केट कहा जाता था। भिंडी बाजार एक सघन इलाका है, जहाँ विभिन्न मोहल्ले, स्कूल और मस्जिदें हैं। यहाँ के फुटपाथों पर दुकाने और ठेले लगते हैं, जहाँ रोजमर्रा की जरूरत की चीजें मिलती हैं। यहां के मजदूर दिनभर काम करते हैं और रात में फुटपाथ पर भोजन करते हैं। इस क्षेत्र ने उर्दू शायरी के कई प्रसिद्ध शायरों, लेखकों और संगीतकारों को भी आश्रय दिया है। मजरूह सुल्तानपुरी, आरज़ू लखनवी, जोश मलीहावादी, और मुंशी प्रेमचंद जैसे महान साहित्यकारों ने यहाँ अपने संघर्ष के दिनों में पनाह पाई। मजरूह सुल्तानपुरी ने भिंडी बाजार में मुशायरे में अपने कलाम पढ़े थे, जो बाद में उन्हें फिल्म 'शाहजहाँ' में लिखने का अवसर दिलाया। इस प्रकार, भिंडी बाजार न केवल व्यापार का केंद्र है, बल्कि यह उर्दू साहित्य और संस्कृति का भी महत्वपूर्ण ठिकाना है। आमची मुम्बई - 7 Santosh Srivastav द्वारा हिंदी यात्रा विशेष 1.2k 3.4k Downloads 8.5k Views Writen by Santosh Srivastav Category यात्रा विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण भिंडी बाज़ार मुम्बई का मुस्लिम बहुल आबादी वाला वो हिस्सा है जहाँ हर वक़्तजनसमूह उमड़ा नज़र आता है भिंडी बाज़ार ने अपने नाम के लफ़्ज़ के सफ़र में तीन परतों को पार किया है इस जगह में दरख़्त के नीचे आसपास के गाँवों के हाट लगा करते थे इसलिए इसका नाम भिंडी बाज़ार पड़ा यहीं कहीं बर्तन भीबना करते थे बर्तन को मराठी में भांडी कहते हैं एक वजह यह भी है तीसरी वजह है कि फोर्ट में स्थित क्रेफ़र्ड मार्केट के पीछे बसा होने के कारण इसे बिहाइंड मार्केट कहते थे जो बाद में बिहाइंड का भिंडी हो गया है वैसे अब यह क्षेत्र बहुत विस्तार ले चुका है Novels आमची मुम्बई मेरे बचपन की यादों में जिस तरह अलीबाबा, सिंदबाद, अलादीन, पंचतंत्र की कहानियाँ और अलिफ़ लैला के संग शहर बगदाद आज भी ज़िंदा है उसी प्रकार पिछले सैंतीस वर्... More Likes This अकेली दुनिया - 1 द्वारा prashant raghav कांचा - भाग 2 द्वारा Raj Phulware अंतरा - भाग 1 द्वारा Raj Phulware संस्कृति का पथिक - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik सत्रह बरस की तन्हा कहानी - 1 द्वारा yafshu love कलकत्ता यात्रा (प्रथम संस्मरण ) द्वारा नंदलाल मणि त्रिपाठी वक़्त की क़ैद: ऐत-बेनहद्दू की दीवारों में जो दबा है - 1 द्वारा Tiths Empire अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी