निशा और पाखि एक-दूसरे से मिलते हैं। निशा को पाखि का बेडरूम बहुत पसंद आता है और वह इसे सोनम कपूर की फिल्म के बेडरूम से तुलना करती है। दोनों फ्रेश होकर सेतुभाभी के हाथ से बने पौहे खाने के लिए तैयार होते हैं। निशा भाभी की तारीफ करती है और थोड़े पौहे घर ले जाने की इच्छा जाहिर करती है, जिससे भाभी थोड़ी नाराज़ होती हैं, लेकिन फिर मजाक में कहती हैं कि वह पैक कर देंगी। फिर मिताभाभी आती हैं और सभी मिलकर टीवी पर 'टोम एंड जेरी' कार्टून देख रहे होते हैं। निशा बताती है कि यह उसका फेवरेट कार्टून है और वह पाखि को अपने बचपन के कार्टून 'पोपे द सेलर मैन' के बारे में बताती है। मिताभाभी निशा को डिनर के लिए रुकने का कहती हैं, लेकिन निशा आराम करने का बहाना करती है। मिताभाभी कहती हैं कि यह भी घर है और आराम कर सकती हैं। निशा कहती है कि घर का आकार मायने नहीं रखता। मनचाहा - 14 V Dhruva द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 42.8k 5.6k Downloads 10.9k Views Writen by V Dhruva Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण निशा- ओह..! थेंक्यू चन्टु.. love u beta...♥️ दीदी कहने के लिए वरना आजकल के बच्चे सीधा आंटी बोल देते है। सेतुभाभी- अच्छा ये बताओ क्या लेंगे? ठंडा, गरम या कुछ नमकीन? निशा- कुछ नहीं भाभी। हम कोलेज से कोफि पीकर आए हैं। सेतुभाभी- एसा नहीं चलेगा, कुछ तो लेना ही पड़ेगा। पाखि तु बोल कुछ। मैं- भाभी आप पौहे बना दिजिए। निशा- अरे नहीं पाखि रहने दो ना। मैं- तू एक बार भाभी के हाथ के पौहे खाले फिर बार-बार स्पेशियली खाने आएगी। भाभी आप वही बना दिजिए हम उपर कमरे में फ्रेश होने जाते हैं। उपर कमरे में आकर Novels मनचाहा जब से होश संभाला पापा को संघर्ष करते हुए देखा है मैंने। फिर भी मम्मी बिना किसी शिकायत के जिंदगी में साथ दें रहीं हैं। हम नोर्थ दिल्ली में रहते हैं। मे... More Likes This Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी