इस व्यंग्य में यशवंत कोठारी ने श्रद्धांजलि सभाओं के भंडारे के रूप में होने वाले दिखावे और भौतिकता पर कटाक्ष किया है। वे बताते हैं कि साहित्य के भंडारे तो चल रहे हैं, लेकिन जब कोई बड़ा आदमी मरता है, तो उसकी शोक सभा में भव्यता और तामझाम होता है, जबकि गरीबों की मृत्यु पर कोई ध्यान नहीं देता। श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोग अपने मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, और शोक संदेश गाने के बजाय पैसे की नश्वरता पर चर्चा होती है। वे यह भी बताते हैं कि दान और पुण्य के नाम पर दिखावे बढ़ गए हैं, और शोक सभाओं में सिर्फ राजनीतिक और व्यावसायिक हितों का खेल होता है। गरीब कवि की अनदेखी और अमीर कवि की मीडिया में चर्चा का उल्लेख करते हुए, कोठारी समाज के संवेदनहीनता और दिखावे की प्रवृत्ति पर प्रकाश डालते हैं। अंत में, वे यह दर्शाते हैं कि ऐसे आयोजनों में असली भावनाएँ और संवेदनाएँ गायब हो गई हैं, और यह सब एक तरह का व्यवसाय बन गया है। अफसर का अभिनन्दन - 11 Yashvant Kothari द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 7k 5.3k Downloads 11.9k Views Writen by Yashvant Kothari Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण व्यंग्य सफल और स्वादिष्ट श्रद्धांजली यशवंत कोठारी साहित्य के भंडारे चालू आहे.कविता वाले कविता का भंडारा कर रहे हैं,कहानी वाले कहानी के भंडारे में व्यस्त है. नाटक वाले नाटकों के भंडारे कर रहें हैं.सर्वत्र भंडारे है,आपका मन करे वहां जीमे. इस महीने सरकारों ने अपनी थैली के मुहं खोल दिए हैं,माता के दरबार में हाजरी दे या भोले बाबा के राज में भंडारे में आपका स्वागत है.सरकार से नहीं बनती है तो ट्रस्ट ,फाउंडेशन ,समिति,विदेशी संस्थाओं से माल खीचों और भंडारे लगा दो.आप भी खाओ और दूसरों को भी खिलाओ. लेकिन पिछले दिनों एक अलग किस्म के भंडारे से Novels अफसर का अभिनन्दन कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वा... More Likes This तीन तिगाड़ा, असाइनमेंट बिगाड़ा! द्वारा Shivam Dhuriya साहित्य का सर्कस - 1 द्वारा rakshita pal रांड का संड - भाग 1 द्वारा Renu Chaurasiya Conversations With Myself - 4 द्वारा Aarushi Singh Rajput पिंकू की परी - 1 द्वारा Deepak Kumar Tiwari Deeptansh वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 4 द्वारा sukhvinder Singh Rai प्यार भी तुमसे और टकरार भी - 1 द्वारा July Writes अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी