इस कहानी में लेखक संतोष श्रीवास्तव ने मुम्बई के साथ अपने गहरे संबंध का वर्णन किया है। मुम्बई, जिसे पहले बम्बई कहा जाता था, उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। लेखक ने बताया है कि मुम्बई केवल एक शहर नहीं, बल्कि सपनों का एक केंद्र है, जहां हर कोई अपने सपनों को साकार करने की कोशिश करता है। मुम्बई का इतिहास भी विविधताओं से भरा है, जिसमें विभिन्न शासकों के समय में शहर का स्वरूप और नाम बदलता रहा है। शहर सात द्वीपों से बना है और इसके मुख्य द्वीप कोलाबा, मझगाँव, वडाला, माहिम, परेल, माटुंगा और सायन हैं। लेखक ने मुम्बई में कोली मछुआरों की बस्तियों, बौद्ध संस्कृति के प्रभाव, पुर्तगाली और अंग्रेजी शासन के दौरान शहर के विकास का भी उल्लेख किया है। कहानी में मुम्बई की रोशनी, सपनों की दुनिया और यथार्थ की ठोस जमीन पर चलने की आवश्यकता का संतुलन दिखाया गया है। मुम्बई, जो कभी बम्बई थी, अब एक पहचान बन चुकी है और लेखक इसे अपने खून में रच-बसते हुए महसूस करते हैं। आमची मुम्बई - 1 Santosh Srivastav द्वारा हिंदी यात्रा विशेष 12.5k 5.8k Downloads 12.8k Views Writen by Santosh Srivastav Category यात्रा विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मेरे बचपन की यादों में जिस तरह अलीबाबा, सिंदबाद, अलादीन, पंचतंत्र की कहानियाँ और अलिफ़ लैला के संग शहर बगदाद आज भी ज़िंदा है उसी प्रकार पिछले सैंतीस वर्षों से मुम्बई मेरे खून में रच बस गया है जब मैं यहाँ आई थी तो यह बम्बई था अब बम्बई को मुम्बई कहती हूँ तो लगता है एक अजनबी डोर मेरे हाथ में थमा दी गई है जिसका सिरा मुझे कहीं दिखलाई नहीं देता शहरों के नाम जो अनपढ़ गँवार, बूढ़े, बच्चे सबकी ज़बान से चिपक गये हों..... केवल मुम्बई ही नहीं पूरे भारत का हर शहर, हर गाँव बम्बई नाम में अपने सपने खोजता है क्योंकि यह शहर सपनों के सौदागर का है आप सपने खरीदिए वह बेचेगा..... एक से बढ़कर एक लाजवाब सपने..... रुपहले, चमकीले, सुनहले और जादुई..... Novels आमची मुम्बई मेरे बचपन की यादों में जिस तरह अलीबाबा, सिंदबाद, अलादीन, पंचतंत्र की कहानियाँ और अलिफ़ लैला के संग शहर बगदाद आज भी ज़िंदा है उसी प्रकार पिछले सैंतीस वर्... More Likes This अकेली दुनिया - 1 द्वारा prashant raghav कांचा - भाग 2 द्वारा Raj Phulware अंतरा - भाग 1 द्वारा Raj Phulware संस्कृति का पथिक - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik सत्रह बरस की तन्हा कहानी - 1 द्वारा yafshu love कलकत्ता यात्रा (प्रथम संस्मरण ) द्वारा नंदलाल मणि त्रिपाठी वक़्त की क़ैद: ऐत-बेनहद्दू की दीवारों में जो दबा है - 1 द्वारा Tiths Empire अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी