आकांक्षा Mukteshwar Prasad Singh द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

आकांक्षा

Mukteshwar Prasad Singh द्वारा हिंदी लघुकथा

आकांक्षाचार वर्षीया आकांक्षा अपने पड़ोस में होने वाली श्यामा की शादी में माँ शान्ति के साथ गयी थी। बारात के साथ वीरपुर (नेपाल) का विराट बैण्ड आया था। इस कोसी इलाके में ’’विराट बैंड’’ का बड़ा नाम था।​बारात दरवाजा ...और पढ़े