खुद के सहारे बनो तुम Ajay Amitabh Suman द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

खुद के सहारे बनो तुम

Ajay Amitabh Suman मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

(१) मौजो से भिड़े हो पतवारें बनो तुम मौजो से भिड़े हो ,पतवारें बनो तुम,खुद हीं अब खुद के,सहारे बनो तुम। किनारों पे चलना है ,आसां बहुत पर,गिरके सम्भलना है,आसां बहुत पर,डूबे हो दरिया जो,मुश्किल हो बचना,तोखुद ...और पढ़े