"नदी के उँगलियों के निशान" की कहानी में दो लड़कियाँ, शिवानी और माधुरी, प्रकृति की सुंदरता में खोई हुई हैं। वे नदी के किनारे बैठी हैं और उसके बहाव का आनंद ले रही हैं। नदी उन्हें आमंत्रित करती है कि वे उसके जल में उतरें, और दोनों लड़कियाँ बिना किसी संकोच के अपने कपड़े उतारकर तैरने लगती हैं। वे मछलियों के साथ खेलती हैं, रेत में लेटती हैं और धूप का आनंद लेती हैं। इस दौरान, वे भूल जाती हैं कि उनके क्रियाकलापों पर किसी की नज़र हो सकती है। वे अपनी नंगी देह के साथ रेत में खेलते हुए खूब मज़े करती हैं, और प्राकृतिक जीवन का अनुभव करती हैं। जैसे-जैसे समय बीतता है, उन्हें वापस लौटने की याद आती है। वे फिर से नदी में नहाती हैं और उत्साह के साथ अपने कपड़े पहनकर लौटती हैं। अंत में, माधुरी पूछती है कि कितना मज़ा आया, और शिवानी थोड़ी चिंतित होती है कि अगर कोई जान गया तो...? यह कहानी दोस्ती, आज़ादी और प्रकृति के साथ जुड़ाव की भावना को उजागर करती है। नदी की उँगलियों के निशान - 2 Kusum Bhatt द्वारा हिंदी लघुकथा 1.9k 2.6k Downloads 9.1k Views Writen by Kusum Bhatt Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण भुवन चाचा के चेहरे पर धूप की तितली बैठी, माधुरी हवा में उड़ी उसके पंख पकड़ कर मैं भी उड़ने लगी.... उस विजन में हम दो लड़कियाँ जिंदगी की नौवीं-दसवीं सीढी पर पांव रखती प्रकृति की भव्यता से अभीभूत! रेत में नहा रही कत्थई रंग की चिड़िया हमारे पास आकर जल का मोती चुगने लगी, हमारे पांव नदी मंे थे, हम पत्थरों पर बैठी नदी का बहना देख रही थी, सिर्फ नदी का कोलाहल और दूर तक कोई नहीं, माधुरी बोली ‘‘नदी कुछ कह रही है सुन - मैंने उसकी आवाज पर कान रखा’’ नदी बोली ‘‘मछली की तरह उतरो मेरी धारा में....‘‘ Novels नदी की उँगलियों के निशान नदी की उंगलियों के निशान हमारी पीठ पर थे। हमारे पीछे दौड़ रहा मगरमच्छ जबड़ा खोले निगलने को आतुर! बेतहाशा दौड़ रही पृथ्वी के ओर-छोर हम दो छोटी लड़कियाँ...!... More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी