यह कहानी "ख़्वाबगाह" नामक उपन्यासिका से है, जिसमें मुख्य पात्र काकुल और विनय के बीच की बातचीत को दर्शाया गया है। काकुल, विनय के साथ एक भावनात्मक मुलाकात में है, जहां वह अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए रो रही होती है। विनय, जो अचानक काकुल के घर आता है, उसे बताता है कि उसकी एक दोस्ती मालती अग्रवाल के साथ हो गई है, जो दीपक अग्रवाल की पत्नी है। काकुल, मालती को जानती है और विनय की इस दोस्ती से चिंतित है। कहानी में इस दोस्ती के विकास और उसके प्रभाव को लेकर विनय की हिचकिचाहट दिखाई गई है। यह एक जटिल रिश्ते की शुरुआत है, जो आगे की घटनाओं को प्रभावित कर सकती है। ख़्वाबगाह - 13 Suraj Prakash द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 17.1k 3k Downloads 10.1k Views Writen by Suraj Prakash Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण तभी वह हादसा हुआ था। मालती अग्रवाल वाला मामला। बेशक वे विनय के लिए आनंद और बदलाव के या मौज मजे के मौके रहे हों, मेरे लिए किसी हादसे से कम नहीं था। तब मैं अपने घर पर ही थी। Novels ख़्वाबगाह एक बार फिर विनय का फोन। अब तो मैं मोबाइल की तरफ देखे बिना ही बता सकती हूं कि विनय का ही फोन होगा। वह दिन में तीस चालीस बार फोन करता है। कभी यहां संख्य... More Likes This चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी