यह कहानी गरिमा की है, जो अपनी मौसी के साथ रह रही है और उसकी जिंदगी में बदलाव आ रहा है। तीन महीने बाद, उसके पिता उससे मिलने आए हैं और यह घोषणा करते हैं कि वे उसके लिए एक लड़का देखने गए थे। वे गरिमा का विवाह दो महीने में करना चाहते हैं। यह सुनकर गरिमा परेशान हो जाती है और अपने पिता से कहती है कि वह अभी शादी नहीं करना चाहती, क्योंकि वह अभी तक अपनी पिछली दुर्घटना से उबर नहीं पाई है। गरिमा अपने पिता को बताती है कि शादी से उसकी समस्याएँ खत्म नहीं होंगी और वह अपने अनुभवों को भुला नहीं सकती। वे उसे समझाते हैं कि विवाह के बाद सब ठीक हो जाएगा, लेकिन गरिमा यह महसूस करती है कि उसके पिता केवल एक पिता के दृष्टिकोण से सोचते हैं, न कि एक लड़की के रूप में। वह रोते हुए अपने कमरे में चली जाती है। उसकी मौसी उसे समझाने आती हैं और गरिमा को स्नेहपूर्वक चुप कराती हैं। मौसी जानती हैं कि गरिमा की भावनाएँ अभी भी turbulance में हैं और उसे अधिक समर्थन की आवश्यकता है। अंत में, मौसी गरिमा को यह बताती हैं कि एक मां के लिए अपनी बेटी की सुरक्षा करना कितना कठिन होता है, खासकर जब उसकी बेटी जवान और अविवाहित हो। दहलीज़ के पार - 6 Dr kavita Tyagi द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 34k 6.8k Downloads 14.2k Views Writen by Dr kavita Tyagi Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अपनी मौसी के साथ रहते हुए गरिमा को तीन महीने का समय बीत चुका था। उस दिन उसके पिता उससे मिलने के लिए वहाँ पर आये थे। वही पर उसने अपने पिता को मौसी से बात करते हुए सुना था कि वे गरिमा के लिए एक लड़का देखने के लिए गये थे, वही से लौट कर आ रहे है। वे कह रहे थे कि प्रत्यक्षतः तो लड़का ठीक ही है। अब उसकी छानबीन करना शेष है। यदि वे सभी जानकारियाँ, जो उन्होने दी है, सही मिली, तो तुरन्त गरिमा का विवाह कर देगे। दो महीने मे बिटिया का घर बस जायेगा, यदि सब कुछ हमारे विचारो के अनुरूप होता रहा और ऊपर वाले की कृपा हम सब पर बनी रही। Novels दहलीज़ के पार उस दिन गरिमा अपने विद्यालय से लौटकर घर पहुँची, तो उसकी माँ एक पड़ोसिन महिला के साथ दरवाजे पर खड़ी हुई बाते कर रही थी। गरिमा जानती थी कि वह महिला, जो उसक... More Likes This पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी