कहानी "नियति" में रोहन और शिखा की कहानी दिखाई गई है। रोहन अपने काम पर जाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन उसे शिखा की चिंता है, जो हाल ही में डॉक्टर के पास गई थी। अचानक शांति की सूचना से उसे पता चलता है कि शिखा को दर्द शुरू हो गया है। अस्पताल में चार घंटे बिताने के बाद, शिखा को लेबर रूम में ले जाया जाता है। रोहन को इस स्थिति में असहाय महसूस होता है, लेकिन उसकी बहन शालिनी वहां पहुंच जाती है। कुछ समय बाद, नर्स एक नवजात बच्ची के साथ आती है और शालिनी को खुशी के आंसू आ जाते हैं, क्योंकि बच्ची शिखा की तरह है। रोहन को बच्ची को गोद में लेने का अनुभव अच्छा लगता है और उसे अपने अंदर गहरी भावना महसूस होती है। नर्स बताती है कि शिखा ठीक है, और थोड़ी देर में उसे कमरे में ले आएंगे। जब रोहन वापस आता है, तो शिखा सो रही होती है और शालिनी उसे नवजात बच्ची को गोद में लेने का तरीका सिखाती है। रोहन काम के फोन कॉल्स के बावजूद अपनी नई जिम्मेदारी को समझता है। अंत में, शिखा की नींद खुलती है और शालिनी उसे बताती है कि रोहन ऑफिस गया है, जिससे यह पता चलता है कि रोहन अपने परिवार के प्रति कितना चिंतित है। नियति - 9 Seema Jain द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 100.6k 11.9k Downloads 26.3k Views Writen by Seema Jain Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रातः कार्यालय जाने के लिए रोहन तैयार हो रहा था। तीन दिन पहले शिखा को डॉक्टर को दिखाया था। उन्होंने कहा था एक हफ्ते का समय अभी लग सकता है, लेकिन निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकते। अब उसे चिंता हो रही थी शिखा को अकेले छोड़कर जाने में । शालिनी शाम तक आ जाएगी तो उसे बेफिक्र हो जाएगी। तभी शांति आई चिल्लाती हुई, भैया जी भाभी जी को दर्द शुरू हो गए हैं। उसके बाद जिस गति से सब काम हुए रोहन को लगा वह होश में नहीं था। Novels नियति शिखा की सबसे प्रिय सखी दीपा उसे बार-बार अपनी बहन रिया की शादी के लिए इंदौर चलने का आग्रह कर रही थी । शिखा जानती थी अगर विवाह समारोह भोपाल में होता तो... More Likes This तिलस्मी - भाग 1 द्वारा Chandni choudhary माइनर टाउन: जागरण - 3-4-5-6 द्वारा Ankit Saxena इश्क की पहली बारिश - 1 द्वारा Pooja RAJPUTANA - The War of Love and Revenge - 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul माइनर टाउन: जागरण - 1-2 द्वारा Ankit Saxena सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी