26) इस अंश में बताया गया है कि बोलना आसान है, जबकि सुनना कठिन। बोलने में बुद्धि की भूमिका नहीं होती, जबकि सुनना शक्ति है। अच्छे वक्ता वही होते हैं जो आवश्यकतानुसार बोलते हैं और उनकी बातें स्पष्ट और प्रभावी होती हैं। बड़बड़ करने वाले को कोई पसंद नहीं करता। 27) भावनाएँ हमारी समस्याओं से जुड़ी होती हैं। सकारात्मक भावनाएँ रखने वाला व्यक्ति कम साधनों में भी सुखी रह सकता है, जबकि नकारात्मक भावनाएँ रखने वाला व्यक्ति अधिक धन के बावजूद दुखी रह सकता है। समृद्ध विचारों वाले व्यक्ति हमेशा संतुष्ट रह सकते हैं। 28) जीवन की गहराई को समझना संभव नहीं है, क्योंकि यह हमेशा अधूरी और आश्चर्यजनक रहती है। समझदार लोग वर्तमान में जीने का महत्व समझते हैं, जबकि मूर्ख कल की चिंता करते हैं। 29) हर व्यक्ति का व्यक्तित्व अलग होता है। आपका व्यक्तित्व ऐसा होना चाहिए कि आपके परिवार और मित्रों को खुशी मिले। प्रभावशाली व्यक्तित्व सरलता से आता है, और दूसरों को आकर्षित करने के लिए आपको अपनी सरलता बनाए रखनी चाहिए। फ्यू -फाइन्ड इटर्निटी विदिन - क्योंकि लाइफ की ऐसी की तैसी न हो - भाग-5 Sanjay V Shah द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 5.6k 3k Downloads 7.6k Views Writen by Sanjay V Shah Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण 26) दिन भर बारहों घंटे बोलते रहना आसान है, लेकिन बारह मिनट सुनना निहायत कठिन है। बोलने की क्रिया में बुद्धि की कोई विशेष भूमिका नहीं होती। बोलना एक मस्ती है, जबकि किसी को सुनना एक शक्ति है। शब्द का उपयोग शस्त्र की तरह हो, इसकी किसे चिन्ता है? दूसरे की बात को बीच में ही काटकर अपनी वाक्यधार की गंगा बहाते रहना अधिकांश लोगों का शगल है। लेकिन यह अच्छी आदत नहीं है। दुनिया में जिन व्यक्तियों ने कुछ उल्लेखनीय कार्य किया है, उन महापुरुषों व विद्वानों के उदाहरण देखें। ये सभी जितना आवश्यक होता था, मात्र उतना ही Novels फ्यू -फाइन्ड इटर्निटी विदिन फ्यू -फाइन्ड इटर्निटी विदिन A collection of liveable thoughts © Sanjay V. Shah प्रथम संस्करण जनवरी, 2019 मूल्य 80.00 डिजाइन, प्रकाशक मांगर... More Likes This ज़हरीली थाली द्वारा sukhvinder Singh Rai पीछे छूटा इंसान- भाग 1 द्वारा RAVINDRA बिन माँ की रसोई द्वारा sukhvinder Singh Rai भरोसे का खून द्वारा sukhvinder Singh Rai अपनों का नकाब: खून से गहरा दर्द द्वारा sukhvinder Singh Rai संघर्ष से शिखर तक - भाग 1 द्वारा Deepak Mishra मकोड़ों का कर्ज: इंसान की बेईमानी द्वारा sukhvinder Singh Rai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी