कल होली थी और सौरभ और सुरभि अपने पापा के साथ बाजार से रंग और गुलाल लेकर आए थे। जब वे दरवाजे पर पहुंचे, सौरभ ने खुशी से अपनी माँ को बताया। तभी काम वाली बाई अपनी बेटी गुड़िया के साथ आई। गुड़िया रो रही थी क्योंकि उसे लम्बी पिचकारी चाहिए थी, लेकिन उसकी माँ के पास पैसे नहीं थे। सौरभ और सुरभि ने यह देखा और सोचते हुए सुरभि ने सौरभ से कहा कि वे पिछले साल की पिचकारी गुड़िया को दे सकते हैं। सौरभ ने अपने पापा से कहा कि वह गुड़िया को पिचकारी देना चाहता है ताकि वह भी होली पर खेल सके। इस पर पापा खुश हुए और माँ ने सौरभ की सराहना की। जब सौरभ ने गुड़िया को पिचकारी दी, तो उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई। इस तरह सौरभ और सुरभि ने अपनी दया से गुड़िया की खुशियों को बढ़ाया। खुशियों के फूल Dr.Desh bandhu द्वारा हिंदी बाल कथाएँ 3.1k 2.8k Downloads 11.2k Views Writen by Dr.Desh bandhu Category बाल कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कल होली थी | सौरभ और सुरभि अपने पापा के साथ बाजार से ढेर सारा गुलाल, रंग, पिचकारी, मिठाई आदि लेकर आए थे | दरवाजे पर कदम रखते ही सौरभ चिल्लाया, “देखो माँ , हम लोग पूरा बाजार ही उठा लाए |” और इसी के साथ सौरभ और सुरभि बाजार से लाए सामान खोल-खोलकर माँ को दिखलाने लगे | तभी दरवाजे की घंटी बजी | माँ ने दरवाजा खोला | काम वाली बाई आई थी | उसके साथ उसकी छोटी बेटी भी थी | “यहाँ कोने में बैठ जाओ गुड़िया ! जल्दी जल्दी काम निपटाकर बाजार चलेंगे | फिर तुम्हें More Likes This सिया का सपना द्वारा Vandna Sharma હું રમતી હતી ઓટલે - પ્રકરણ 1 द्वारा yogina patel काश! आसमान के भी पंख होते । - 1 द्वारा Sangeet kumar राहें - 4 द्वारा shiromani mathur नक्षत्र यात्री - 1 द्वारा mamta The Great Gorila - 1 द्वारा Ravi Bhanushali अमित की अनोखी दुनिया - 1 द्वारा Chhaya Dubey अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी