"दुनिया के मूर्खों एक हो जाओ" यशवन्त कोठारी द्वारा एक व्यंग्यात्मक लेख है, जिसमें लेखक मूर्खता और मूर्खों के विषय में चर्चा करता है। वह बासंती बयार का जिक्र करते हुए इसे मूर्खता के ज्ञान अर्जन का सर्वोत्तम समय मानते हैं। मूर्खता का अर्थ बताते हुए वह कहते हैं कि मूर्ख वही है जो किसी भी विषय पर अधिकारपूर्वक बोलता है और उसकी बातें सुनकर लगता है कि उसने अपनी समझ खो दी है। लेख में यह भी बताया गया है कि मूर्खता सभी जगह पाई जाती है, चाहे वह राजनीति, साहित्य, या कला हो। लेखक का कहना है कि जीवन में मूर्खता का स्थान उतना ही महत्वपूर्ण है जितना राजनीति में कुर्सी का। वह मूर्खता को जीवन के विभिन्न पहलुओं से जोड़ते हैं और इसे आवश्यक बताते हैं। राजनीति में विदूषक की भूमिका का जिक्र करते हुए, लेखक यह बताते हैं कि आजकल के नेता स्वयं मूर्खता का प्रदर्शन कर रहे हैं। अंत में, वह यह निष्कर्ष निकालते हैं कि मूर्खता ही जीवन का अभिन्न हिस्सा है, और इसके बिना संसार अधूरा है। अफसर का अभिनन्दन - 6 Yashvant Kothari द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 8.6k 5.8k Downloads 13.4k Views Writen by Yashvant Kothari Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दुनिया के मूर्खों एक हो जाओ यशवन्त कोठारी बासंती बयार बह रही है। दक्षिण से आने वाली हवा में एक मस्ती का आलम है। फाल्गुन की इस बहार के साथ-साथ मुझे लगता है मूर्खों, मूर्खता और तत्सम्बन्धी ज्ञान का अर्जन करने का यह सर्वश्रेष्ठ मौसम है। कालीदास हो या पद्माकर या जयदेव या निराला सभी ने बासंती ऋतु पर जी भर क प्रियों का याद किया है। मधुमास बिताया है । व्यंग्यकार का प्रिय विषय तो मूर्ख और मूर्खता है, अतः आज मैं मूढ़ जिज्ञासा करूंगा। पाठक कृपया क्षमा करें । सर्वप्रथम मूर्ख या मूढ़ शब्द को Novels अफसर का अभिनन्दन कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वा... More Likes This तीन तिगाड़ा, असाइनमेंट बिगाड़ा! द्वारा Shivam Dhuriya साहित्य का सर्कस - 1 द्वारा rakshita pal रांड का संड - भाग 1 द्वारा Renu Chaurasiya Conversations With Myself - 4 द्वारा Aarushi Singh Rajput पिंकू की परी - 1 द्वारा Deepak Kumar Tiwari Deeptansh वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 4 द्वारा sukhvinder Singh Rai प्यार भी तुमसे और टकरार भी - 1 द्वारा July Writes अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी