यादों के झरोखों से Rakesh Kumar Pandey Sagar द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

यादों के झरोखों से

Rakesh Kumar Pandey Sagar द्वारा हिंदी कविता

"तुम्हारी याद आती है" बरसता है जो ये सावन, तुम्हारी याद आती है, कहाँ तुम हो छुपे प्रियतम, हमें पल पल सताती है। लिखे जो खत तुम्हें मैंने, वो दिल की ही कलम से थे, मेरे अधरों की लाली ...और पढ़े