कहानी "बिल्लो की भीष्म प्रतिज्ञा" में, लेखक प्रदीप श्रीवास्तव ने एक गांव की बदलती हुई व्यवस्थाओं का चित्रण किया है। कहानी के चौथे भाग में, मुख्य पात्र एक दुकान पर पहुंचता है जो "बिल्लो बुआ की कोहड़ौरी" के नाम से जानी जाती है। बिल्लो बुआ अब गांव की सबसे बड़ी बिजनेस वूमेन बन चुकी हैं, जिनकी दुकान पर हर प्रकार का सामान उपलब्ध है। उनके पिता बैजू का निधन हो चुका है, और अब बिल्लो ने अपने भतीजे सूरज के साथ मिलकर व्यापार को बढ़ाया है। कहानी में चुनावी राजनीति का भी जिक्र है, जहां बिल्लो की ताकत से मुज्जी मियां का परिवार संकट में है। मुख्य पात्र की बिल्लो से मिलने की इच्छा उसे उस समय की यादों में ले जाती है, जब वह पहले उनसे मिला था। शिखर, जो मुख्य पात्र का साथी है, बिल्लो से मिलने में हिचकिचाता है, लेकिन अंततः उसे बिल्लो से मिलने का रास्ता दिखाता है। कहानी में बिल्लो की शक्ति, व्यापारिक क्षमता और गांव में उसके प्रभाव को दर्शाया गया है, जो यह स्पष्ट करता है कि वह अब केवल एक व्यवसायी नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली नेता भी बन गई है। बिल्लो की भीष्म प्रतिज्ञा - 4 Pradeep Shrivastava द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 8.3k 4.3k Downloads 9.2k Views Writen by Pradeep Shrivastava Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण इन दस-पंद्रह बरसों में बहुत कुछ बदल चुका था। गांव की दुकानों पर भी चिप्स, मैगी, कुरकुरे, कोल्ड ड्रिंक, मोबाइल रीचार्ज सब दिख रहा था। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के फॉस्ट फूड के पैकेट हर दुकान पर दिख रहे थे। और इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों की नाक में अकेले ही दम किए पतंजलि के प्रॉडक्ट भी दिख रहे थे। बाबा की फोटो भी। कुछ दूर आगे चलने पर एक अपेक्षाकृत कुछ बड़ी दुकान दिखाई दी। जिसके बाहर पीपों, बोरों में सामान भरा था। चावल, गेहूं, दाल, चना जैसी चीजों के अलावा पैकेट दिवारों पर टंगे थे। Novels बिल्लो की भीष्म प्रतिज्ञा चार घंटे देरी से जब ट्रेन लखनऊ रेलवे स्टेशन पर रुकी तो ग्यारह बज चुके थे। जून की गर्मी अपना रंग दिखा रही थी। ग्यारह बजे ही चिल-चिलाती धूप से आंखें चुं... More Likes This त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat गायब - एक रात की कहानी - 1 द्वारा Patel Lay Starseeds - Part 1 द्वारा vyomatara Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी