इस कहानी में दिव्य अपने पापा को एक भावनात्मक पत्र लिखते हैं। वह अपनी पापा की चिट्ठी को पढ़ने के बाद अपने भावनाओं को साझा करते हैं। दिव्य बताते हैं कि जब वह छोटे थे, तो स्कूल जाते समय कभी-कभी रोने का मन करता था, खासकर जब पापा उन्हें स्कूल छोड़ने आते थे। वह इस बात पर भी विचार करते हैं कि समाज में लड़कों को रोने की अनुमति नहीं दी जाती और यह एक दुखद परिस्थिति है। दिव्य पापा को यह बताना चाहते हैं कि जब वह हॉस्टल गए थे, तो वह उनके लिए भी उतना ही रोए थे जितना कि मम्मी के लिए। वह अपने पापा की फोन कॉल का भी जिक्र करते हैं, जो उन्हें सुकून देते हैं। वह यह भी बताते हैं कि मम्मी ने उन्हें हनुमान चालीसा पढ़ने की आदत डाली, लेकिन जब वह घर आते हैं, तो इसे छोड़ देते हैं क्योंकि पापा उनके लिए सबसे बड़े सहारे हैं। अंत में, दिव्य यह संकल्प करते हैं कि जब वह घर आएंगे, तो पापा को गले लगाएंगे और अगर रोने का मन हुआ, तो उसे रोकने के लिए नहीं कहेंगे। वह अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करना चाहते हैं और पापा की चिट्ठी का इंतज़ार करते हैं। वीकेंड चिट्ठियाँ - 17 Divya Prakash Dubey द्वारा हिंदी पत्र 7.1k 4.7k Downloads 13.7k Views Writen by Divya Prakash Dubey Category पत्र पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण संडे वाली चिट्ठी ------------------ Dear पापा जी, कुछ दिन पहले आपकी चिट्ठी मिली थी। आपकी चिट्ठी मैं केवल एक बार पढ़ पाया। एक बार के बाद कई बार मन किया कि पढ़ूँ लेकिन हिम्मत नहीं हुई। मैंने आपकी चिट्ठी अटैची में अखबार के नीचे दबाकर रख दी है। अटैची में ताला लगा दिया है। मैं नहीं चाहता मेरे अलावा कभी कोई और आपकी चिट्ठी पढ़े। Novels वीकेंड चिट्ठियाँ उन सभी लड़कियों के नाम जो पहले नहीं मिलीं! ज़िंदगी से यूं भी तमाम शिकायतें हैं मुझे. लेकिन उन तमाम शिकवों में से एक ये भी है कि ज़िंदगी मुझे तुमसे पहले... More Likes This अँधेरे वाला स्टेशन - भाग 8 द्वारा Shahroz khan मोहब्बत हो गयी है तुम्हें - (भाग 10) द्वारा Laiba Hasan सत्य मीमांसा - 1 द्वारा Rudra S. Sharma टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? - 11 द्वारा Ayesha Letter From Me - 2 द्वारा Rudra S. Sharma रिश्ता चिट्ठी का - 1 द्वारा Preeti रिश्ता चिट्ठी का द्वारा Preeti अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी