कहानी "नियति" में मुख्य पात्र दीपा और रोहन हैं, जो एक दुखद अनुभव के बाद लौट रहे हैं। दीपा ने अपने घर के सामने बैठकर रोना शुरू कर दिया, जबकि रोहन असमंजस में था। उन्होंने एक महत्वपूर्ण काम के लिए यात्रा की थी, लेकिन कोई परिणाम नहीं मिला, जिससे दोनों निराश और थक गए। घर लौटकर सुषमा, जो उनकी माँ हैं, समझ गईं कि दोनों दुखी हैं। गुप्ता परिवार के अन्य सदस्य रीमा की शादी की रस्मों में व्यस्त थे, जबकि सुषमा ने रोहन और दीपा को आराम करने का सुझाव दिया। अगली सुबह, गुप्ता परिवार ने शिखा के साथ हुए हादसे के कारण गहरा दुख महसूस किया। रोहन अपनी गलती को स्वीकार करने के बावजूद खुद को असहाय महसूस कर रहा था। परिवार ने तय किया कि वे शालिनी के घर जाकर माफी मांगेंगे, लेकिन परिणाम की अनिश्चितता सभी को परेशान कर रही थी। गुप्ता परिवार ने अंततः सुषमा से विदा ली, लेकिन रास्ते में कोई बात नहीं कर रहा था। लौटते वक्त का माहौल पहले की मस्ती के मुकाबले खामोश था। रोहन, जो शिखा के बारे में अधिक नहीं जानता था, ऑफिस जाने के लिए मन नहीं बना पा रहा था। कहानी में परिवार के बीच का भावनात्मक संघर्ष और उनके भविष्य की चिंता को दर्शाया गया है। नियति - 4 Seema Jain द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 43.7k 14.1k Downloads 29k Views Writen by Seema Jain Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शिखा के घर के दरवाजे के आगे तीन चार सीढ़ियां थी । दीपा उन्हीं पर बैठकर सुबकने लगी, रोहन सकते में था। कुछ पल खड़ा रहा है फिर तेज कदमों से चलता हुआ निकट के रखे गमले को ठोकर मारता हुआ गाड़ी में जाकर बैठ गया। दीपा भी चुपचाप गाड़ी में जाकर बैठ गई । लौटते हुए लग रहा था मानो यात्रा खत्म ही नहीं हो रही हो, जैसे गाड़ी आगे बढ़ ही नहीं रही थी। घर पहुंचे तो थक कर बुरा हाल था, ना सुबह से कुछ खाया था न पिया था । जिस काम से गए थे उसका कुछ परिणाम नहीं निकला, आने जाने में आठ दस घंटे लग गए । Novels नियति शिखा की सबसे प्रिय सखी दीपा उसे बार-बार अपनी बहन रिया की शादी के लिए इंदौर चलने का आग्रह कर रही थी । शिखा जानती थी अगर विवाह समारोह भोपाल में होता तो... More Likes This THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी