कहानी "ठग लाइफ" में सविता का जीवन एक मानसिक संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमता है। वह अपने दिन का अधिकांश समय खाना बनाने, नहाने और सोने में बिताती है। जब वह उठती है, तो उसे अपने अस्तित्व पर विचार करने का मन करता है। उसे लगता है कि यदि वह एक लड़की न होती, तो उसकी माँ के साथ संबंध बेहतर होते और उसका जीवन अलग होता। सविता अपने भाई को अपने जीवन का विलेन मानती है, क्योंकि उसे लगता है कि माँ का ध्यान उस पर नहीं था। सविता पिछले दिनों की घटनाओं से परेशान है और उसके मन में डर बना हुआ है, क्योंकि उसके दोस्तों से कोई संपर्क नहीं हुआ है। वह एक फोन कॉल की प्रतीक्षा कर रही है, लेकिन जब वह नहीं आता, तो उसे और भी निराशा होती है। अकेले रहने के फायदे उसे याद आते हैं, जैसे कि कोई जिम्मेदारी या रिश्ते का बोझ नहीं है। वह चाय बनाकर बालकनी में बैठती है, लेकिन उसके मन में उदासी और अस्थिरता बनी रहती है। कहानी सविता की मानसिक स्थिति और उसके जीवन के संघर्ष को दर्शाती है, जिसमें वह अपने अतीत और वर्तमान के बीच जूझती है। ठग लाइफ - 12 Pritpal Kaur द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 59.6k 5.5k Downloads 11.2k Views Writen by Pritpal Kaur Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शाम आयी और चली गयी. सविता का दिन खाना बनाने, नहाने धोने, खा कर एक लम्बी दोपहर की नींद लेने में निकल गया. जब नींद खुली तो शाम गहरा चुकी थी. बाहर भीतर सब जगह अँधेरा था. कुछ् देर उसी अँधेरे में लेटी रही. मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक तौर पर थकी हुयी सविता कुछ पल तक तो समझ ही नहीं पाई कि वो कहाँ है. यूँ ही याद करने की कोशिश में लेटी हुयी सोचने लगी ज़िंदगी के बारे में. अक्सर उसे लगता है अगर वो लडकी न होती तो आज जिस औरत के रूप में ढल गयी है वो न हुयी होती. Novels ठग लाइफ सविता ने तली हुयी मछली का एक बड़ा सा टुकड़ा मुंह में डाला था. मछली बेह्द स्वाद बनी हुयी थी. वह जल्दी जल्दी खा रही थी. सविता खाना हमेशा बहुत जल्दी में खा... More Likes This यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai In to the unknown द्वारा Parakshtha यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी