इस कहानी में जीत और वफ़ाई के बीच की बातचीत पर केंद्रित है। वफ़ाई का आगमन जीत के लिए अप्रत्याशित था, क्योंकि उसने न उसकी पदचाप सुनी और न ही जीप की आवाज। जब वफ़ाई उसे बताती है कि जब अंदर का मन कोलाहल में होता है, तब बाहर की ध्वनियाँ सुनाई नहीं देतीं, तो जीत को यह समझ नहीं आता। वफ़ाई उसे समझाती है कि उसके मन में चल रहे विचारों और द्वंद्व के कारण वह बाहरी ध्वनियों को नहीं सुन पाया। कहानी में वफ़ाई एक झूले पर बैठती है और घर के चारों ओर देखती है, यह सोचते हुए कि पिछले 36 घंटों में क्या बदला है। वह जीत के बारे में सोचती है और उसके मन में विभिन्न भावनाएँ जागृत होती हैं। जब वफ़ाई पानी की तलाश में जाती है, तो जीत एक गिलास नहीं ढूंढ पाता। अंततः, दोनों एक साथ गिलास की ओर बढ़ते हैं और उनके बीच एक स्पर्श होता है, जो उनके बीच की नज़दीकी को बढ़ाता है और एक नई तृषा का अहसास कराता है। कहानी का मुख्य विषय है आंतरिक विचारों का प्रभाव और संबंधों की गहराई। हिम स्पर्श - 68 Vrajesh Shashikant Dave द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 9.3k 3.2k Downloads 7.8k Views Writen by Vrajesh Shashikant Dave Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण 68 “तुम्हारे आने की, तुम्हारे पदचाप की ध्वनि सुनाई नहीं दी। जीप की ध्वनि भी नहीं सुनाई दी। मुझे ध्यान ही नहीं रहा तुम्हारे आने का।“ जीत ने द्वार की तरफ देखा। जीप वहाँ खड़ी थी। “मैं कोई छुपते छुपाते नहीं आई। ना तो मेरे पदचाप मौन थे ना जीप की ध्वनि। कुछ भी असाधारण नहीं किया मैंने।“ “सब साधारण सा था तो फिर मैं ने कुछ भी सुना क्यूँ नहीं?” “जीत,जब हमारे अंदर कोलाहल हो तो बाहर की ध्वनि नहीं सुनाई देती। जब अंदर की ध्वनि तीव्र हो तब हमारे कान दूसरी किसी भी ध्वनि को नहीं पकड़ Novels हिम स्पर्श जब बर्फ की एक युवती मरुभूमि में एक युवक से मिलती है तो .. तो जो घटनाएँ घटती है , वह क्या है युवती तस्वीर पत्रकार है तो युवक चित्रकार। दोनों के बीच... More Likes This यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai In to the unknown द्वारा Parakshtha यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी