कहानी एक ट्रेन स्टेशन पर घटित होती है, जहाँ एक महिला और एक अन्य व्यक्ति के बीच भावनात्मक बंधन है। ट्रेन के चलने के दौरान, महिला दूसरी ओर खड़ी है और उसकी नजरें एक-दूसरे में गहरी धंसी हुई हैं। महिला के मन में पहले चार महीनों की यादें और संबंध की गहराई है, जबकि ट्रेन की गति उन्हें अलग कर रही है। महिला अपने साथी से अंतिम बार मिलकर उसे "फोन करती रहना बिन्नी" कहती है। तभी उसका बेटा आ जाता है और उसे संकेत करता है कि अब उसे छोड़ देना चाहिए। यह दृश्य उनके बीच के गहरे संबंध और भावनाओं का प्रतीक है, जो समय के साथ ढलने वाला है। उनका प्रश्न Nirdesh Nidhi द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 4.1k 1.9k Downloads 7.3k Views Writen by Nirdesh Nidhi Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “उनका प्रश्न” दूसरे स्टेशन पर समय के साथ पहुँचने का वादा निभाना था न सो ट्रेन ने सीटी दी और धीरे - धीरे अपने वृत्ताकार पाँवों को लोहे की पटरियों पर गतिशील किया । “वो” ट्रेन के भीतर और मैं बाहर । वो लगातार मेरी आँखों में आँखें गढ़ाए थीं ,जैसे छूटना नहीं चाहती थीं मुझसे । मैं उनसे हर बार दृष्टि बचाने का प्रयत्न करती परंतु मेरी आँखों में धँसी उनकी दृष्टि मुझे हर बार असफल कर देती । जैसे पटरियों पर ट्रेन के वृत्ताकार पाँवों की गति और मेरी आँखों में उनकी दृष्टि की गढ़न का कोई गहरा More Likes This रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana सुकून - भाग 1 द्वारा Sunita आरव और सूरज द्वारा Rohan Beniwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी