वीकेंड चिट्ठियाँ - 14 Divya Prakash Dubey द्वारा पत्र में हिंदी पीडीएफ

वीकेंड चिट्ठियाँ - 14

Divya Prakash Dubey द्वारा हिंदी पत्र

सुनो यारपागलआदमी, तुमसे ही बात कर रहा हूँ, तुम जो सड़क के किनारे फटे कपड़े, बढ़ी हुई दाढ़ी, उलझे बालों के साथ हर मौसम में पड़े रहते हो। ज़ाहिर है तुम ऐसे पैदा तो नहीं हुए होगे। मुझे मालूम है ...और पढ़े