"फ्यू -फाइंड इटर्निटी विदिन" संजय वी. शाह द्वारा लिखित एक प्रेरणादायक पुस्तक है, जिसमें जीवन को समझने और जीने के लिए विचारों का संग्रह प्रस्तुत किया गया है। पहले अध्याय में समीर का विचार है कि जीवन की शुरुआत में रोना स्वाभाविक है, लेकिन हमें यह तय करना चाहिए कि कब और क्यों रोना है। हमें अपने आँसुओं पर नियंत्रण रखना चाहिए ताकि हम जीवन के सुखद पलों का आनंद ले सकें। दूसरे अध्याय में हितेन आनन्दपरा ने बताया है कि आज की पीढ़ी सुरक्षा की तलाश में है और अपने सपनों को भूल रही है। जीवन को अपने तरीके से जीना चाहिए, न कि दूसरों के दिखाए रास्ते पर चलकर। जिंदादिली से जीने पर ही सफलता मिलती है। तीसरे अध्याय में स्वामी विवेकानंद के विचारों को प्रस्तुत किया गया है, जिसमें उन्होंने कर्म और उसके रहस्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपने भीतर परिवर्तन लाना चाहिए और रोजाना अच्छे कार्य करने की आदत डालनी चाहिए। चौथे अध्याय में नाक और दिमाग की समानताओं को दर्शाया गया है। दोनों अंग महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनकी देखभाल के लिए थोड़ी मेहनत करनी पड़ती है। यह पुस्तक जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विचार करती है और पाठकों को अपने भीतर की अनंतता को खोजने के लिए प्रेरित करती है। फ्यू -फाइन्ड इटर्निटी विदिन - क्योंकि लाइफ की ऐसी की तैसी न हो - भाग-1 Sanjay V Shah द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 5.8k 3.6k Downloads 10.1k Views Writen by Sanjay V Shah Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण फ्यू -फाइन्ड इटर्निटी विदिन A collection of liveable thoughts © Sanjay V. Shah प्रथम संस्करण जनवरी, 2019 मूल्य 80.00 डिजाइन, प्रकाशक मांगरोल मल्टीमीडिया लिमिटेड बी-603, सहयोग अपार्टमेंट, एस. वी. रोड, सेंट्रल बैंक के ऊपर, कांदिवली (प), मुंबई - 400 067 www.mangrol.in info@mangrol.com वितरक मुद्रक १) रोने ना दीजिएगा, तो गाया ना जाएगा - समीर जीवन मिलते ही पहला काम क्या करना होता है? रोना पड़ता है। जो रोया नहीं, वो जिंदा नहीं। आँसू और आस, दोनों शब्दों में समानता भी तो है। लेकिन कितना रोएंगे, कब रोएंगे, Novels फ्यू -फाइन्ड इटर्निटी विदिन फ्यू -फाइन्ड इटर्निटी विदिन A collection of liveable thoughts © Sanjay V. Shah प्रथम संस्करण जनवरी, 2019 मूल्य 80.00 डिजाइन, प्रकाशक मांगर... More Likes This उसकी गलती क्या थी? - 1 द्वारा blue sky and purple ocean शक्तिपीठ देवबंद द्वारा Ritin Pundir सत्य इतिहास - भाग 2 - मानसिंह इतिहास की कुछ झलकियां द्वारा Ritin Pundir शादी एक अभिशाप क्यों? - 2 द्वारा RACHNA ROY मौन नायक: कर्तव्य की अनकही जंग - 1 द्वारा Abhi Anand सफ़र की रंगत - 1 द्वारा Std Maurya Extra Material Affair.. - 1 द्वारा kalpita अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी