पले इंसानियत जिसमें मैं वो दालान हो जाऊं Rakesh Kumar Pandey Sagar द्वारा प्रेरक कथा में हिंदी पीडीएफ

पले इंसानियत जिसमें मैं वो दालान हो जाऊं

Rakesh Kumar Pandey Sagar द्वारा हिंदी प्रेरक कथा

१- "पले इंसानियत जिसमें मैं वो दालान हो जाऊं" तमन्ना है तेरे सजदे में मैं,कुर्बान हो जाऊं, चले जो पीढ़ियों तक,वो बना दीवान हो जाऊं, ये क्या हिन्दू, ये क्या मुस्लिम,हैं सब बेकार की बातें, पले इंसानियत जिसमें,मैं वो ...और पढ़े