यह कहानी "तपते जेठ में गुलमोहर जैसा" सपना सिंह द्वारा लिखी गई है। कहानी का केंद्र बिंदु सुविज्ञ नामक पात्र है, जिसे अप्पी का पत्र मिला है। पत्र को देखकर सुविज्ञ के मन में कई भावनाएँ उठती हैं - रोमांच, भय और अनामपन। वह पत्र पढ़ने के लिए एकांत और इत्मीनान की तलाश में हैं, लेकिन अस्पताल की व्यस्तता और पारिवारिक जिम्मेदारियाँ उन्हें समय नहीं देतीं। सुविज्ञ को अप्पी के पत्र का महत्व महसूस होता है, लेकिन वह उसे तुरंत नहीं पढ़ पाते। जब वह पत्र खोलते हैं, तो उसमें अप्पी अपने जीवन के बदलते क्षणों के बारे में लिखती है। वह जीवन में बदलाव और पुनर्जन्म की बात करती है, और यह स्वीकार करती है कि सब कुछ अस्थायी है। अप्पी अपने निर्णय को साझा करती है कि वह सब कुछ छोड़ने का संकल्प ले रही है और अपने अनुभवों को नए दृष्टिकोण से जीने की कोशिश कर रही है। कहानी में जीवन के बदलाव, रिश्तों की जटिलताएँ और आत्म-विश्लेषण के विषयों की चर्चा की गई है। अप्पी का पत्र सुविज्ञ के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बनता है, जो उसे सोचने पर मजबूर करता है कि जीवन में स्थिरता और परिवर्तन दोनों का महत्व है। तपते जेठ मे गुलमोहर जैसा - 25 Sapna Singh द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 12.1k 2.5k Downloads 8.9k Views Writen by Sapna Singh Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उपसंहार कल शाम में आयी डाक सुविज्ञ के चेम्बर में उनके टेबल पर बायीं ओर की टेª में अन्य लिफाफों के साथ रखी थी। सफेद लम्बे लिफाफे पर नजर पड़ते ही... अप्पी। दिमाग में कौधा... हाॅँ, अप्पी का ही खत था ये ....। उन्होंने उसे बिना खोले ही मेज की दराज में डाल उसे लाॅक कर दिया था.. उम्र के इस पड़ाव पर भी अप्पी का पत्र उनमें अतिरिक्त कुछ संचारित तो कर ही देता है... यह अतिरिक्त कुछ पता नहीं रोमांच है ... भय है या फिर कुछ ऐसा जो अब भी अनाम है। Novels तपते जेठ मे गुलमोहर जैसा वह तेज-तेज चलने की कोशिश में हैं, पर अब उन्हें महसूस होने लगा है कि, इस तरह तेज चलना उनके लिए संभव नहीं रहा! पिछले कुछ समय से ऐसा होने लगा है कि तेज च... More Likes This Beyond the Pages - 1 द्वारा cat लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan विलनेस का पुनर्जन्म अब बदला होगा - 1 द्वारा KahaniCraft वासना दैत्य ही वासना देव है! - 1 द्वारा Krayunastra THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी