स्कूल से घर लौटने के बाद, मुख्य पात्र को शीतल की एक तस्वीर को बिना पूछे निकालने का पछतावा होने लगता है। वह चिंतित होता है कि क्या शीतल तस्वीर को ढूंढ रही होगी। शीतल अक्सर अपनी बालकनी में किताब पढ़ती थी, लेकिन उस दिन वह नहीं दिखाई देती। चिंता में, वह शीतल के घर जाता है और उसके पिता से पता चलता है कि शीतल अपनी माँ की तस्वीर खो चुकी है और रो रही है। मुख्य पात्र यह सोचता है कि वह शीतल को खुश करने के लिए उसकी माँ की एक बड़ी तस्वीर बनवाना चाहता है। वह एक चित्रकार के पास जाता है, लेकिन उसे इसके लिए 600 रुपये देने होते हैं, जबकि उसके पास पैसे नहीं होते। अंततः, वह अपनी गुल्लक तोड़ता है और उसमें अपेक्षा से ज्यादा पैसे पाता है। वह बाजार में रक्षाबंधन की खरीदारी करने जाता है, जहाँ हर कोई त्योहार की तैयारी कर रहा होता है। चित्रकार द्वारा बनाई गई तस्वीर देखकर उसे यह समझना मुश्किल होता है कि कौन ज्यादा खूबसूरत है। वह पैसे देकर तस्वीर लेकर आता है और उसे छिपा देता है। रक्षाबंधन के दिन, उसे अपने पिता के साथ अपनी बुआ के घर जाना होता है। वह उत्सुकता से अपने पिता का इंतज़ार करता है, जो उसे हर साल वहाँ ले जाते हैं। कहानी में मुख्य पात्र के भावनात्मक सफर और शीतल के प्रति उसके प्यार और देखभाल को दर्शाया गया है। पहला प्यार (भाग-3) Amit Sharma द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 23.6k 3.6k Downloads 8.2k Views Writen by Amit Sharma Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण स्कूल से घर आने के बाद अनगिनत विचार मेरे मन में आने लगे। "शीतल से बिना पूछे ये तस्वीर उसके किताब से निकाल कर मैंने कुछ गलत तो नही कर दी???.. क्या वो इसे ढूंढ रही होगी??.. और ऐसे कई सवाल मुझे परेसान करने लगे थे।बैचैनी बढ़ती जा रही थी। मैं छत्त पर गया और शीतल की बालकनी की तरफ देखने लगा। अक्सर वो इस समय वहाँ किताब पढ़ती नजर आती थी। मगर आज मेरे घंटो इंतजार करने के बाद भी वो एक बार भी नजर नही आई।मुझसे अब रहा नही गया और मैं शीतल के घर चला गया।उसके पिता Novels पहला प्यार "पहला प्यार" ये वो एहसास होता है जिसे चाहे आप जिन्दगी के जिस मोड़ पर चले जाये, भुला नही सकते। और ये बात मैं अपने छः साल के अनुभव से कह रहा हूँ। आज से ए... More Likes This दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha अनचाही शादी - किस्मत का सौदा - भाग 1 द्वारा Annu Kumari अधुरी डायरी द्वारा kajal jha अदृश्य पीया - 1 द्वारा Sonam Brijwasi पहली नज़र का इश्क - 1 द्वारा Bikash parajuli अधुरी खिताब का आखिरी पन्ना द्वारा kajal jha दो राज्यों का अमर प्रेम द्वारा Akshay Tiwari अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी